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Rampur Bushahar News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
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रामपुर बुशहर। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने यह अहम फैसला सुनाया है। सजा के साथ ही दोषी जोगिंद्र उर्फ अभिषेक (24) निवासी गांव लोहली (टपरोग), डाकघर खुन्नी, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला पर 10,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 13 अक्तूबर 2022 को जब पीड़िता की माता घर पहुंची तो पीड़िता घर पर नहीं थी। छोटे भाई ने बताया कि दीदी दिन के समय पापा के लिए खाना लेकर गई थी और इसके बाद वापस नहीं आई। घरवालों ने पीड़िता की तलाश आसपास के इलाकों में की, लेकिन वह कहीं पर भी नहीं मिली। 14 अक्तूबर को पीड़िता की मां बेटी की तलाश में गई थी।
इसी बीच उन्हें फोन आया कि बेटी घर पहुंच गई है। पीड़िता की उम्र उस समय 14 वर्ष थी। जब पीड़िता को पूछा गया तो उसने बताया कि आरोपी उसे बहला फुसलाकर गाड़ी में ले गया था। रात भर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और सुबह वापस घर के पास छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
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थाना प्रभारी प्रेम लाल ने मामले की तफ्तीश की और चालान अदालत में पेश किया। यहां वैज्ञानिक साक्ष्य, पीड़िता के बयान और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म का दोषी पाया। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 13 अक्तूबर 2022 को जब पीड़िता की माता घर पहुंची तो पीड़िता घर पर नहीं थी। छोटे भाई ने बताया कि दीदी दिन के समय पापा के लिए खाना लेकर गई थी और इसके बाद वापस नहीं आई। घरवालों ने पीड़िता की तलाश आसपास के इलाकों में की, लेकिन वह कहीं पर भी नहीं मिली। 14 अक्तूबर को पीड़िता की मां बेटी की तलाश में गई थी।
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इसी बीच उन्हें फोन आया कि बेटी घर पहुंच गई है। पीड़िता की उम्र उस समय 14 वर्ष थी। जब पीड़िता को पूछा गया तो उसने बताया कि आरोपी उसे बहला फुसलाकर गाड़ी में ले गया था। रात भर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और सुबह वापस घर के पास छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
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थाना प्रभारी प्रेम लाल ने मामले की तफ्तीश की और चालान अदालत में पेश किया। यहां वैज्ञानिक साक्ष्य, पीड़िता के बयान और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म का दोषी पाया। सरकार की ओर से मुकदमे की पैरवी उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।