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Rampur Bushahar News: रामपुर के फांचा से श्रीखंड मार्ग का होगा विकास, 1.08 करोड़ का भेजा अनुमान
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. एसडीएम रामपुर ने पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग से इस राशि की स्वीकृति मांगी
. ट्रैक पर रास्ते का निर्माण, हट, शौचालयों, रोशनी का किया जाएगा प्रबंध
. प्रशासन अगले साल से फांचा कंडा से श्रीखंड महादेव यात्रा को शुरू करने तैयारी में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बीते एक दशक से हजारों शिवभक्त ज्यूरी वाया फांचा-नंती टिक्कर से होते हुए धार्मिक श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस मार्ग से यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन काफी प्रयास कर रहे हैं। फांचा कंडे से श्रीखंड महादेव तक प्रस्तावित ट्रैक को विकसित करने के लिए 1.08 करोड़ रुपये का विस्तृत अनुमान तैयार किया गया है। रामपुर के एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग से बजट आश्वासन 2026-27 के तहत इस राशि को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। बीते महीने उपमंडल प्रशासन रामपुर ने फांचा वाया नंती टिक्कर मार्ग से श्रीखंड यात्रा की संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वे करवाया था। विभाग को भेजे प्रस्तावित में फांचा-नंती-टिक्कर-श्रीखंड महादेव मार्ग का चयन करने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली से ट्रैक का पुनरीक्षण और सुरक्षा आकलन करवाया गया। यह आकलन 3 और 4 जुलाई 2026 को किया गया। इसके आधार पर तीर्थयात्रा मार्ग के लिए सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, आपातकालीन निकासी, पर्यावरण संरक्षण, कचरा एवं प्लास्टिक प्रबंधन, संचार और खोज एवं बचाव सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को शामिल करते हुए मानक संचालन प्रक्रिया भी तैयार की गई।
श्रीखंड तक मार्ग के निर्माण पर खर्च होंगे 20.47 लाख
प्रस्ताव में फांचा कंडे से श्रीखंड महादेव तक मार्ग के निर्माण पर 20.47 लाख रुपये खर्च होंगे। संभावित में प्रीफैब्रिकेटेड चिकित्सक हट पर 6.83 लाख, तीर्थयात्रियों के लिए संभावित में शेड पर 22.69 लाख और मंजबाओ में शेड निर्माण पर 29.22 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। इसके अलावा संभावित में प्रीफैब्रिकेटेड शौचालय पर 9.20 लाख खर्च होंगे। मंजबाओ में शौचालय पर 11.57 लाख, ट्रैक पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव नियामक और सुरक्षा संकेतक लगाने पर 4.66 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा संभावित और मंजबाओ में सौर रोशनी पर 3.22 लाख और कचरा गड्ढे के निर्माण पर 17 हजार रुपये खर्च होंगे। इन सभी कार्यों की कुल अनुमानित लागत 1,08,03,000 रुपये है।
मार्ग का 20 प्रतिशत हिस्सा कुल्लू जिले में
प्रस्ताव में बताया गया है कि प्रस्तावित मार्ग का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा शिमला जिले और 20 प्रतिशत हिस्सा कुल्लू जिले में आता है। कुल्लू जिले में पड़ने वाला श्रीखंड मार्ग भूस्खलन संबंधी संवेदनशीलता के कारण इस वर्ष भी बंद रहा है। इसके विपरीत फांचा-नंती-श्रीखंड महादेव मार्ग में पुनरीक्षण और सुरक्षा आकलन के दौरान ऐसी संवेदनशील जगहें चिह्नित नहीं हुईं। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने प्राथमिकता के आधार पर ट्रैक, शौचालय, सुरक्षा संकेतक और कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए कुल 34.50 लाख रुपये की तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया है, ताकि मार्ग को जल्द सुरक्षित और तीर्थयात्रियों के लिए कार्यशील बनाया जा सके।
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. ट्रैक पर रास्ते का निर्माण, हट, शौचालयों, रोशनी का किया जाएगा प्रबंध
. प्रशासन अगले साल से फांचा कंडा से श्रीखंड महादेव यात्रा को शुरू करने तैयारी में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बीते एक दशक से हजारों शिवभक्त ज्यूरी वाया फांचा-नंती टिक्कर से होते हुए धार्मिक श्रीखंड महादेव यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस मार्ग से यात्रा को फिर से शुरू करने के लिए प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन काफी प्रयास कर रहे हैं। फांचा कंडे से श्रीखंड महादेव तक प्रस्तावित ट्रैक को विकसित करने के लिए 1.08 करोड़ रुपये का विस्तृत अनुमान तैयार किया गया है। रामपुर के एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग से बजट आश्वासन 2026-27 के तहत इस राशि को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। बीते महीने उपमंडल प्रशासन रामपुर ने फांचा वाया नंती टिक्कर मार्ग से श्रीखंड यात्रा की संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वे करवाया था। विभाग को भेजे प्रस्तावित में फांचा-नंती-टिक्कर-श्रीखंड महादेव मार्ग का चयन करने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली से ट्रैक का पुनरीक्षण और सुरक्षा आकलन करवाया गया। यह आकलन 3 और 4 जुलाई 2026 को किया गया। इसके आधार पर तीर्थयात्रा मार्ग के लिए सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, आपातकालीन निकासी, पर्यावरण संरक्षण, कचरा एवं प्लास्टिक प्रबंधन, संचार और खोज एवं बचाव सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को शामिल करते हुए मानक संचालन प्रक्रिया भी तैयार की गई।
श्रीखंड तक मार्ग के निर्माण पर खर्च होंगे 20.47 लाख
प्रस्ताव में फांचा कंडे से श्रीखंड महादेव तक मार्ग के निर्माण पर 20.47 लाख रुपये खर्च होंगे। संभावित में प्रीफैब्रिकेटेड चिकित्सक हट पर 6.83 लाख, तीर्थयात्रियों के लिए संभावित में शेड पर 22.69 लाख और मंजबाओ में शेड निर्माण पर 29.22 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित हैं। इसके अलावा संभावित में प्रीफैब्रिकेटेड शौचालय पर 9.20 लाख खर्च होंगे। मंजबाओ में शौचालय पर 11.57 लाख, ट्रैक पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव नियामक और सुरक्षा संकेतक लगाने पर 4.66 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा संभावित और मंजबाओ में सौर रोशनी पर 3.22 लाख और कचरा गड्ढे के निर्माण पर 17 हजार रुपये खर्च होंगे। इन सभी कार्यों की कुल अनुमानित लागत 1,08,03,000 रुपये है।
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मार्ग का 20 प्रतिशत हिस्सा कुल्लू जिले में
प्रस्ताव में बताया गया है कि प्रस्तावित मार्ग का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा शिमला जिले और 20 प्रतिशत हिस्सा कुल्लू जिले में आता है। कुल्लू जिले में पड़ने वाला श्रीखंड मार्ग भूस्खलन संबंधी संवेदनशीलता के कारण इस वर्ष भी बंद रहा है। इसके विपरीत फांचा-नंती-श्रीखंड महादेव मार्ग में पुनरीक्षण और सुरक्षा आकलन के दौरान ऐसी संवेदनशील जगहें चिह्नित नहीं हुईं। एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने प्राथमिकता के आधार पर ट्रैक, शौचालय, सुरक्षा संकेतक और कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए कुल 34.50 लाख रुपये की तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया है, ताकि मार्ग को जल्द सुरक्षित और तीर्थयात्रियों के लिए कार्यशील बनाया जा सके।
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