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सतलुज का जलस्तर बढ़ने से लक्ष्मीनारायण मंदिर का डंगा ढहा
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रामपुर बुशहर। भारी बारिश के बाद रामपुर के सतलुज किनारे बने ऐतिहासिक लक्ष्मीनारायण मंदिर का डंगा ढह गया है। सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने से यह नुकसान हुआ है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने एसजेवीएन प्रबंधन से शहर में सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षा दीवार लगाने की मांग की है। लोगों ने बताया कि मंदिर का डंगा गिरने से मंदिर के गिरने का खतरा बढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सतलुज नदी पर बने प्रोजेक्टों से पानी छोड़ा गया है। इस कारण सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया और इससे मंदिर का डंगा भी इसकी चपेट में आ गया। वीरवार को मंदिर के आगे लगी दीवार का कुछ हिस्सा ढह गया था, वहीं शुक्रवार को डंगा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र शर्मा, नैन सिंह, शैलेश बिष्ट, निखिल, हितेंद्र, बबलू ठाकुर, रतन नेगी और दिनेश गुप्ता सहित अन्यों ने कहा कि शनि मंदिर के बाद अब लक्ष्मीनारायण मंदिर भी खतरे की जद में आ गया है। उन्होंने कहा कि जब सतलुज अराधना के नाम पर एसजेवीएन करोड़ों रुपये की राशि खर्च कर सकता है, तो रामपुर शहर में सतलुज के किनारे सुरक्षा दीवार भी लगाई जा सकती है।
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उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस बारे में उचित कार्रवाई अमल में लाने और मंदिरों को सुरक्षित करने की गुहार लगाई है। एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि शनि धाम मंदिर और इसके साथ लगते मंदिर को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जलशक्ति विभाग से एस्टीमेट प्राप्त हुआ है, जो सरकार को भेजा जाएगा। धनराशि का प्रावधान होते ही सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य शुरू हो पाएगा।
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लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सतलुज नदी पर बने प्रोजेक्टों से पानी छोड़ा गया है। इस कारण सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया और इससे मंदिर का डंगा भी इसकी चपेट में आ गया। वीरवार को मंदिर के आगे लगी दीवार का कुछ हिस्सा ढह गया था, वहीं शुक्रवार को डंगा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र शर्मा, नैन सिंह, शैलेश बिष्ट, निखिल, हितेंद्र, बबलू ठाकुर, रतन नेगी और दिनेश गुप्ता सहित अन्यों ने कहा कि शनि मंदिर के बाद अब लक्ष्मीनारायण मंदिर भी खतरे की जद में आ गया है। उन्होंने कहा कि जब सतलुज अराधना के नाम पर एसजेवीएन करोड़ों रुपये की राशि खर्च कर सकता है, तो रामपुर शहर में सतलुज के किनारे सुरक्षा दीवार भी लगाई जा सकती है।
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उन्होंने स्थानीय प्रशासन से इस बारे में उचित कार्रवाई अमल में लाने और मंदिरों को सुरक्षित करने की गुहार लगाई है। एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि शनि धाम मंदिर और इसके साथ लगते मंदिर को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जलशक्ति विभाग से एस्टीमेट प्राप्त हुआ है, जो सरकार को भेजा जाएगा। धनराशि का प्रावधान होते ही सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य शुरू हो पाएगा।