फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Syringes for rabies injection not available in Theog hospital

Rampur Bushahar News: ठियोग अस्पताल में नहीं मिल रही रैबीज के इंजेक्शन लगाने की सिरिंज

Tue, 11 Jun 2024 11:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2024 11:02 PM IST
विज्ञापन
चिट्टे पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बंद की खुले में बेचने पर लगाई है पाबंदी, कुत्तों और बंदरों के काटने पर शिमला की लगानी पड़ रही दौड़
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

ठियोग (रामपुर बुशहर)। ऊपरी शिमला के सिविल अस्पताल ठियोग में रैबीज का इंजेक्शन लगाने वाली सिरिंज नहीं मिल रही है। इस कारण कुत्तों या बंदरों के काटने पर लोगों को आईजीएमसी शिमला जाना पड़ रहा है। वहीं ठियोग बाजार में किसी मेडिसन की दुकान में भी यह सिरिंज नहीं मिल रही। लोगों को आईजीएमसी शिमला में तीन से चार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और आर्थिकी का नुकसान झेलना पड़ रहा है। आए दिन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कुत्तों और बंदरों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन सिरिंज न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, चिट्टे का नशा करने वाले लोग भी इसी सिरिंज का इस्तेमाल करते थे। पहले यह बाजारों में खुलेआम बिक रही थी, लेकिन अब सरकार ने चिट्टे पर रोक लगाने के इरादे से इसे पूरी तरह से बेन कर दिया है। इस कारण अब रैबीज के इंजेक्शन भी नहीं लग रहे हैं। वहीं, व्यापार मंडल के महासचिव गौरव जोशी, बाजार के कारोबारी विक्रांत सेठ सहित अन्य लोगों ने इस सिरिंज को जल्द अस्पताल में उपलब्ध करवाने की मांग की है। क्षेत्र के निवासी आशीष आनंद ने बताया कि उनके भतीजे को भी कुत्ते ने काट लिया था, उसके बाद 24 घंटे के अंतराल में इंजेक्शन लगने थे, लेकिन ठियोग अस्पताल में सिरिंज नहीं मिली और मजबूरन आईजीएमसी शिमला का रुख करना पड़ा।
जल्द सिरिंज उपलब्ध करवाई जाएगी

मामला उनके संज्ञान में है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग में आलाधिकारियों को भी अवगत करवा दिया है। जल्द ही अस्पताल में सिरिंज को उपलब्ध करवा दिया जाएगा। -डॉ. पवन शर्मा, एसएमओ अस्पताल
विज्ञापन






समय रहते न हो इलाज तो जा सकती है मरीज की जान

रैबीज किसी भी पालतू या जंगली जानवर के काटने से होता है और बहुत तेजी से फैलता है। समय रहते अगर उपचार न मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है। सिविल अस्पताल ठियोग क्षेत्र की 60 से अधिक पंचायतों के अलावा आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी सुविधाएं देता है, लेकिन सिरिंज न मिलने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed