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एनएचएम कर्मियों ने की पेन डाउन स्ट्राइक
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रामपुर में एक दिवसीय हड़ताल कर एनएचएम कर्मचारियों ने जताया विरोध।
- फोटो : RAMPUR-HP
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रामपुर बुशहर। राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार प्रदेश भर में बुधवार को एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की। रामपुर विकास खंड में सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों ने पेन डाउन स्ट्राइक कर प्रदेश सरकार के रवैये को लेकर अपरा रोष व्यक्त किया। बीते एक सप्ताह से ये कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर रोष जता रहे हैं।
डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि एनएचएम के तहत वर्ष 1994 से करीब 1700 कर्मचारी विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इन कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार कोई नीति नहीं बना पाई है। न तो कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही उनके वेतन वृद्धि को लेकर। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में एनएचएम कर्मचारियों ने दिनरात सेवाएं दीं। इसके बावजूद सरकार ने अब तक इन कर्मचारियों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है। हालांकि सरकार विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को दो साल में नियमित कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ोतरी न होने से इन कर्मचारियों पर आर्थिक तंगी की मार पड़ रही है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकार उन्हें नियमित करे या जब तक उनके लिए कोई नीति नहीं बन पाती, तब तक उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन दिया जाए। शर्मा ने कहा कि भविष्य में राज्य कार्यकारिणी के जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा। वहीं जनजातीय जिला किन्नौर में सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों ने भी रोष जताया। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है।
इस मौके पर डॉ. अंकिता गौतम, एएनएम अमिता मेहता, सहायक चंद्र वर्मा, ब्लॉक प्रोग्रामर देव कश्यप मौजूद रहे।
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डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि एनएचएम के तहत वर्ष 1994 से करीब 1700 कर्मचारी विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इन कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार कोई नीति नहीं बना पाई है। न तो कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही उनके वेतन वृद्धि को लेकर। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में एनएचएम कर्मचारियों ने दिनरात सेवाएं दीं। इसके बावजूद सरकार ने अब तक इन कर्मचारियों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है। हालांकि सरकार विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को दो साल में नियमित कर रही है। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ोतरी न होने से इन कर्मचारियों पर आर्थिक तंगी की मार पड़ रही है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकार उन्हें नियमित करे या जब तक उनके लिए कोई नीति नहीं बन पाती, तब तक उन्हें नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन दिया जाए। शर्मा ने कहा कि भविष्य में राज्य कार्यकारिणी के जो भी निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा। वहीं जनजातीय जिला किन्नौर में सेवाएं दे रहे एनएचएम कर्मचारियों ने भी रोष जताया। उन्होंने सरकार से जल्द मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई है।
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इस मौके पर डॉ. अंकिता गौतम, एएनएम अमिता मेहता, सहायक चंद्र वर्मा, ब्लॉक प्रोग्रामर देव कश्यप मौजूद रहे।