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Rampur Bushahar News: गानवी गांव में आपदा से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार लगाने की मांग
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ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा
सरकार और संबंधित विभागों पर दो साल से उपेक्षा का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडज के गानवी गांव के ग्रामीणों ने आपदाओं से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों पर दो साल से उपेक्षा का आरोप लगाया है।
पत्र में कहा गया है कि भारतीय स्टेट बैंक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गानवी और वन विभाग का गार्ड हट सहित पूरा गांव आपदाओं के कारण असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्रामीणों ने अपनी जीवनभर की पूंजी अपने निजी मकान बनाने में लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों और सरकार में बैठे विधायकों व मंत्रियों से संपर्क किया था। हालांकि, उनकी समस्याओं पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया है कि वे हिमाचल सरकार को अतिशीघ्र गांव में सुरक्षा दीवार बनाने का निर्देश दें। उनका मानना है कि इससे भविष्य में वे सुरक्षित रह पाएंगे। यह सुरक्षा दीवार 2024 और 2025 की त्रासदियों के बाद से लंबित है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और विभागों का व्यवहार उनके प्रति सौतेला रहा है। उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से घर बनाए हैं, जिनकी सुरक्षा अब खतरे में है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि कई उच्चाधिकारियों को भी भेजी है। इनमें लोक निर्माण मंत्री, उपायुक्त शिमला और मंडलाधिकारी रामपुर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग डेट ज्यूरी रामपुर को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है। पत्र पर सोहन लाल, चंद्रकांत, फूला सिंह, गीता राम, गोपाल सिंह, चंद्र सिंह, आलोक, नारकाली, कदार, भादरू सिंह, धनपति, गांगी देवी और कृष्ण लाल सहित तेरह ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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इनसेट
गानवी गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए 43.16 लाख का प्रस्ताव
गानवीं गांव में बाढ़ से प्रभावित और खतरे की जद में आए मकानों की सुरक्षा के लिए 43.16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जलशक्ति विभाग ने बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए विस्तृत अनुमान तैयार कर स्वीकृति और धनराशि जारी करने के लिए प्रशासन को भेजा है। विभाग के अनुसार 13 अगस्त 2025 को गानवी खड्ड में बाढ़ आने के कारण पानी का रुख आवासीय क्षेत्र की ओर मुड़ गया था। इससे कांता देवी, संतोष कुमार, दौलत राम, टेक चंद और रघु दास के मकानों को खतरा पैदा हो गया था। भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए खड्ड के किनारे आरसीसी रिटेनिंग वॉल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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सरकार और संबंधित विभागों पर दो साल से उपेक्षा का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडज के गानवी गांव के ग्रामीणों ने आपदाओं से बचाव के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों पर दो साल से उपेक्षा का आरोप लगाया है।
पत्र में कहा गया है कि भारतीय स्टेट बैंक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गानवी और वन विभाग का गार्ड हट सहित पूरा गांव आपदाओं के कारण असुरक्षित महसूस कर रहा है। ग्रामीणों ने अपनी जीवनभर की पूंजी अपने निजी मकान बनाने में लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन ही मिलते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों और सरकार में बैठे विधायकों व मंत्रियों से संपर्क किया था। हालांकि, उनकी समस्याओं पर कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया है कि वे हिमाचल सरकार को अतिशीघ्र गांव में सुरक्षा दीवार बनाने का निर्देश दें। उनका मानना है कि इससे भविष्य में वे सुरक्षित रह पाएंगे। यह सुरक्षा दीवार 2024 और 2025 की त्रासदियों के बाद से लंबित है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार और विभागों का व्यवहार उनके प्रति सौतेला रहा है। उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से घर बनाए हैं, जिनकी सुरक्षा अब खतरे में है।
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ग्रामीणों ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि कई उच्चाधिकारियों को भी भेजी है। इनमें लोक निर्माण मंत्री, उपायुक्त शिमला और मंडलाधिकारी रामपुर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग डेट ज्यूरी रामपुर को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है। पत्र पर सोहन लाल, चंद्रकांत, फूला सिंह, गीता राम, गोपाल सिंह, चंद्र सिंह, आलोक, नारकाली, कदार, भादरू सिंह, धनपति, गांगी देवी और कृष्ण लाल सहित तेरह ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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गानवी गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए 43.16 लाख का प्रस्ताव
गानवीं गांव में बाढ़ से प्रभावित और खतरे की जद में आए मकानों की सुरक्षा के लिए 43.16 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जलशक्ति विभाग ने बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए विस्तृत अनुमान तैयार कर स्वीकृति और धनराशि जारी करने के लिए प्रशासन को भेजा है। विभाग के अनुसार 13 अगस्त 2025 को गानवी खड्ड में बाढ़ आने के कारण पानी का रुख आवासीय क्षेत्र की ओर मुड़ गया था। इससे कांता देवी, संतोष कुमार, दौलत राम, टेक चंद और रघु दास के मकानों को खतरा पैदा हो गया था। भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए खड्ड के किनारे आरसीसी रिटेनिंग वॉल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।