{"_id":"65c76c1b1c134c87d80eec41","slug":"rampur-news-rohru-news-mid-day-meal-worker-strike-on-16-february-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-111996-2024-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: समय पर नहीं मिल रहा मानदेय 16 फरवरी से हडताल करेगे मिड - डे मील वर्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: समय पर नहीं मिल रहा मानदेय 16 फरवरी से हडताल करेगे मिड - डे मील वर्कर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।लंबे समय से मांगे पूरी नहीं होने और मानदेय का तय अवधि में भुगतान नहीं होने के करण चिड़गांव खंड के मिड- डे मील वर्कर यूनियन से 16 फरवरी से हड़ताल का एलान किया है। चिड़गांव में आयोजित यूनियन इकाई जांगला और चिड़गांव से संबंधित सीटू की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष राजमिला ने की। इसमें 45 वर्करों ने भाग लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि 16 फरवरी को पूर्ण रूप से हड़ताल की जाएगी। इस दौरान स्कूलों में खाना नहीं बनेगा। इसके लिए शिक्षा निदेशक को समय रहते सूचित कर दिया गया है। मिड-डे मील वर्करों ने कहा कि उनको हर महीने मानदेय 1 से 7 तारीख के बीच दिया जाए। महंगाई के दौर में मात्र चार हजार रुपये के नाममात्र मानदेय से गुजारा करना मिड-डे मील वर्करों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। अब हाल ही में सरकार ने फरमान जारी किया कि क्लस्टर स्तर पर खाना बनाया जाएगा। अभी तक 20 वर्षों से स्कूलों में खाना बनता रहा है। उन्होंने मांग की कि उसी क्रम में यह व्यवस्था आगे भी जारी रहे। श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार मिड-डे मील वर्करों को नियमित किया जाए। 31 अक्तूबर 2019 के हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार उन्हें 12 महीने का वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छंटनी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा अगर समय रहते सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो उन्हें एक लंबे आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को रोहड़ू के रामलीला मैदान में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। उनके साथ हड़ताल में आंगनबाड़ी वर्कर, सेब बागवान, मनरेगा मजदूर हाइडल प्रोजेक्ट, सिविल अस्पताल के कर्मी भी शामिल रहेंगे।
विज्ञापन
रोहड़ू।लंबे समय से मांगे पूरी नहीं होने और मानदेय का तय अवधि में भुगतान नहीं होने के करण चिड़गांव खंड के मिड- डे मील वर्कर यूनियन से 16 फरवरी से हड़ताल का एलान किया है। चिड़गांव में आयोजित यूनियन इकाई जांगला और चिड़गांव से संबंधित सीटू की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष राजमिला ने की। इसमें 45 वर्करों ने भाग लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि 16 फरवरी को पूर्ण रूप से हड़ताल की जाएगी। इस दौरान स्कूलों में खाना नहीं बनेगा। इसके लिए शिक्षा निदेशक को समय रहते सूचित कर दिया गया है। मिड-डे मील वर्करों ने कहा कि उनको हर महीने मानदेय 1 से 7 तारीख के बीच दिया जाए। महंगाई के दौर में मात्र चार हजार रुपये के नाममात्र मानदेय से गुजारा करना मिड-डे मील वर्करों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो गया है। अब हाल ही में सरकार ने फरमान जारी किया कि क्लस्टर स्तर पर खाना बनाया जाएगा। अभी तक 20 वर्षों से स्कूलों में खाना बनता रहा है। उन्होंने मांग की कि उसी क्रम में यह व्यवस्था आगे भी जारी रहे। श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुसार मिड-डे मील वर्करों को नियमित किया जाए। 31 अक्तूबर 2019 के हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार उन्हें 12 महीने का वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि छंटनी पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा अगर समय रहते सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो उन्हें एक लंबे आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को रोहड़ू के रामलीला मैदान में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। उनके साथ हड़ताल में आंगनबाड़ी वर्कर, सेब बागवान, मनरेगा मजदूर हाइडल प्रोजेक्ट, सिविल अस्पताल के कर्मी भी शामिल रहेंगे।

राजकीय सेवानिवृत अध्यापक संघ पांवटा इकाई की बैठक: स्त्रोत: संघ