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Rampur Bushahar News: गेट मिटिंग के बाद चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगा कर दीं सेवाएं
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गेट मीटिंग कर सरकार की अनदेखी पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में चिकित्सकों ने मांगे न माने जाने के विरोध में काले बिल्ले लगाकर सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार से आश्वासन मिलने के बाद सात महीने का समय बीत गया है लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि कॅरिअर प्रोग्रेशन स्कीम को केंद्र सरकार के समान लागू किया जाए। केंद्र सरकार ने 2008 के गजट में और 2014 के एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी गजट में चिकित्सकों को डायनेमिक कॅरिअर प्रोग्रेशन स्कीम के तहत वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं। इसके अलावा रेगुलर डीपीसी नहीं की जा रही है। रेगुलर डीपीसी न करने से मेडिकल कॉलेजों की मान्यताओं के ऊपर भी खतरा मंडरा रहा है। सात महीने पहले प्रोजेक्ट डायरेक्टर एड्स कंट्रोल सोसायटी का कार्यभार स्वास्थ्य निदेशक को दोबारा प्रदान करने के संदर्भ में सहमति जताई गई थी लेकिन स्वास्थ्य निदेशक की स्थायी नियुक्ति नहीं की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पदों पर दोबारा रोजगार देकर मांगों के विपरीत बेरोजगार युवा चिकित्सकों से खिलवाड़ कर रहा है। इस दौरान चिकित्सकों ने करीब आधा घंटे गेट मीटिंग कर सरकार से सभी मांगों को लागू करने का आग्रह किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। सिविल अस्पताल रोहड़ू में चिकित्सकों ने मांगे न माने जाने के विरोध में काले बिल्ले लगाकर सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार से आश्वासन मिलने के बाद सात महीने का समय बीत गया है लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि कॅरिअर प्रोग्रेशन स्कीम को केंद्र सरकार के समान लागू किया जाए। केंद्र सरकार ने 2008 के गजट में और 2014 के एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी गजट में चिकित्सकों को डायनेमिक कॅरिअर प्रोग्रेशन स्कीम के तहत वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं। इसके अलावा रेगुलर डीपीसी नहीं की जा रही है। रेगुलर डीपीसी न करने से मेडिकल कॉलेजों की मान्यताओं के ऊपर भी खतरा मंडरा रहा है। सात महीने पहले प्रोजेक्ट डायरेक्टर एड्स कंट्रोल सोसायटी का कार्यभार स्वास्थ्य निदेशक को दोबारा प्रदान करने के संदर्भ में सहमति जताई गई थी लेकिन स्वास्थ्य निदेशक की स्थायी नियुक्ति नहीं की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पदों पर दोबारा रोजगार देकर मांगों के विपरीत बेरोजगार युवा चिकित्सकों से खिलवाड़ कर रहा है। इस दौरान चिकित्सकों ने करीब आधा घंटे गेट मीटिंग कर सरकार से सभी मांगों को लागू करने का आग्रह किया है।