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Rampur Bushahar News: सात करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी ढाकगांव सड़क खस्ताहाल
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दलदल में तबदील हुई 15 गांवों को जोड़ने वाली सड़क, वाहन फंसने से लोग हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू के अंतर्गत ग्राम पंचायत ढाकगांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग दलदल में तबदील हो गया है। लोगों के लिए मार्ग पर वाहनों को चलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह वाहन दलदल होने से आए दिन मार्ग पर वाहन फंस जाते हैं। बुधवार को चिवाड़ी गांव के नजदीक मार्ग पर दिनभर पचीस से तीस वाहन दल दल में फंसे रहे। फंसे वाहनों को स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत करने के बाद दल दल से बाहर निकाला। ढाक गांव पंचायत प्रधान गीता परगुवाण ने बताया कि सड़क की दशा काफी खराब है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क की दशा नहीं सुधरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बडियारा ढाकगांव सड़क के लिए चालू वित्तीय वर्ष में बजट का प्रावधान करने की मांग की है। हैरानी इस बात की है कि सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करने के बाद भी सड़क की दशा नहीं सुधर पाई है। मार्ग पर ढाकगांव पंचायत की 1,500 की आबादी निर्भर करती है। पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए दो दशक पहले सड़क बनाई गई थी। ठेकेदार ने पीएमजीएसवाई प्रथम चरण के अंतर्गत जारी हुए बजट से आनन -फानन में सड़क की ट्रेसिंग पूरी की। इस पर करीब 1.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण के अंतर्गत टारिंग के लिए तीन करोड़ 99 लाख रुपये का बजट जारी हुआ। ठेकेदार ने सड़क पर टारिंग तो की लेकिन तीन माह में ही टारिंग उखड़ना शुरू हो गई। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 5.38 करोड़ रुपये सड़क पर खर्च किए गए। वर्ष 2004 से लेकर अभी तक ढाकगांव सड़क पर सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। दलदल में तबदील सड़क को सुधारने के नाम पर ठेकेदारों के लाखों रुपये की बिल भी बने, लेकिन सड़क की दशा बद से बदतर होती गई। सड़क से मसली, मनटिक्करी, जिताटा, शलोट, धावणी व किरोती, दली, चिवाडी, नावी, खरोट, गांव, ढाक, सुणू, नरवाण और जाखी गांव शामिल हैं। 15 गांव को जोड़ने वाली सड़क से क्षेत्र के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत सेब सीजन के दौरान पेश आती है। बरसात के मौसम में लोगों के लिए दलदल भरी इस सड़क से फसलों को मंडियों तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू के अंतर्गत ग्राम पंचायत ढाकगांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग दलदल में तबदील हो गया है। लोगों के लिए मार्ग पर वाहनों को चलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह वाहन दलदल होने से आए दिन मार्ग पर वाहन फंस जाते हैं। बुधवार को चिवाड़ी गांव के नजदीक मार्ग पर दिनभर पचीस से तीस वाहन दल दल में फंसे रहे। फंसे वाहनों को स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत करने के बाद दल दल से बाहर निकाला। ढाक गांव पंचायत प्रधान गीता परगुवाण ने बताया कि सड़क की दशा काफी खराब है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़क की दशा नहीं सुधरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बडियारा ढाकगांव सड़क के लिए चालू वित्तीय वर्ष में बजट का प्रावधान करने की मांग की है। हैरानी इस बात की है कि सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करने के बाद भी सड़क की दशा नहीं सुधर पाई है। मार्ग पर ढाकगांव पंचायत की 1,500 की आबादी निर्भर करती है। पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए दो दशक पहले सड़क बनाई गई थी। ठेकेदार ने पीएमजीएसवाई प्रथम चरण के अंतर्गत जारी हुए बजट से आनन -फानन में सड़क की ट्रेसिंग पूरी की। इस पर करीब 1.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके बाद पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण के अंतर्गत टारिंग के लिए तीन करोड़ 99 लाख रुपये का बजट जारी हुआ। ठेकेदार ने सड़क पर टारिंग तो की लेकिन तीन माह में ही टारिंग उखड़ना शुरू हो गई। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 5.38 करोड़ रुपये सड़क पर खर्च किए गए। वर्ष 2004 से लेकर अभी तक ढाकगांव सड़क पर सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। दलदल में तबदील सड़क को सुधारने के नाम पर ठेकेदारों के लाखों रुपये की बिल भी बने, लेकिन सड़क की दशा बद से बदतर होती गई। सड़क से मसली, मनटिक्करी, जिताटा, शलोट, धावणी व किरोती, दली, चिवाडी, नावी, खरोट, गांव, ढाक, सुणू, नरवाण और जाखी गांव शामिल हैं। 15 गांव को जोड़ने वाली सड़क से क्षेत्र के लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत सेब सीजन के दौरान पेश आती है। बरसात के मौसम में लोगों के लिए दलदल भरी इस सड़क से फसलों को मंडियों तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है।