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Rampur Bushahar News: ब्रौ क्षेत्र में रैबीज उन्मूलन के लिए चलाया टीकाकरण अभियान
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बढ़ते रैबीज के मामलों को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। निरमंड खंड के अंतर्गत ब्रौ क्षेत्र में बढ़ते रैबीज के मामलों को लेकर पशुपालन विभाग रामपुर पूरी तरह से सतर्क है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग ने कशोली खड्ड , ह्यूमन पीपल संस्था और स्थानीय पंचायत के साथ मिलकर क्षेत्र में एक दिवसीय एंटी रैबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया। डाॅ. अनिल शर्मा ने बताया कि शिविर में ब्रौ क्षेत्र में 42 कुत्तों, 3 बिलियों और 2 गायों को एंटी रैबीज के टीके लगाए। रैबीज पशुओं और इंसानों दोनों में ही 100 प्रतिशत घातक बीमारी है। इसका इलाज अभी तक संभव नहीं है। अगर किसी पशु या इंसान को रैबीज हो जाए तो मृत्यु निश्चित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 97 प्रतिशत रैबीज कुत्तों के काटने, नाखून मारने, लार का घाव पर लगने से होता है। इसके अलावा 2 प्रतिशत मामले बिल्ली के काटने और नाखून मारने से होते हैं जबकि 1 प्रतिशत जंगली जानवरों के कारण सामने आते हैं। शिविर में पशु रैबीज के विशेषज्ञ डाॅ. अनिल शर्मा, डाॅ. देवेंद्र पॉल, डाॅ. वरुण नेगी, राकेश और अन्य मौजूद रहे। डॉ. शर्मा ने बताया की शिविर को सफल बनाने में ग्राम पंचायत प्रधान शशि कटोच, ह्यूमन पीपल संस्था के सचिव अभिषेक महाजन का सहयोग रहा जबकि जयेश और लब्बू शांडिल ने योगदान दिया ।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। निरमंड खंड के अंतर्गत ब्रौ क्षेत्र में बढ़ते रैबीज के मामलों को लेकर पशुपालन विभाग रामपुर पूरी तरह से सतर्क है। बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग ने कशोली खड्ड , ह्यूमन पीपल संस्था और स्थानीय पंचायत के साथ मिलकर क्षेत्र में एक दिवसीय एंटी रैबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया। डाॅ. अनिल शर्मा ने बताया कि शिविर में ब्रौ क्षेत्र में 42 कुत्तों, 3 बिलियों और 2 गायों को एंटी रैबीज के टीके लगाए। रैबीज पशुओं और इंसानों दोनों में ही 100 प्रतिशत घातक बीमारी है। इसका इलाज अभी तक संभव नहीं है। अगर किसी पशु या इंसान को रैबीज हो जाए तो मृत्यु निश्चित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 97 प्रतिशत रैबीज कुत्तों के काटने, नाखून मारने, लार का घाव पर लगने से होता है। इसके अलावा 2 प्रतिशत मामले बिल्ली के काटने और नाखून मारने से होते हैं जबकि 1 प्रतिशत जंगली जानवरों के कारण सामने आते हैं। शिविर में पशु रैबीज के विशेषज्ञ डाॅ. अनिल शर्मा, डाॅ. देवेंद्र पॉल, डाॅ. वरुण नेगी, राकेश और अन्य मौजूद रहे। डॉ. शर्मा ने बताया की शिविर को सफल बनाने में ग्राम पंचायत प्रधान शशि कटोच, ह्यूमन पीपल संस्था के सचिव अभिषेक महाजन का सहयोग रहा जबकि जयेश और लब्बू शांडिल ने योगदान दिया ।