{"_id":"632c9ba0b804fc455e4de32b","slug":"protest-of-people-in-rampur-rampur-hp-news-sml422596748","type":"story","status":"publish","title_hn":"परियोजना विस्थापितों का अनशन पांचवे दिन भी रहा जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परियोजना विस्थापितों का अनशन पांचवे दिन भी रहा जारी
विज्ञापन
कूट पंचायत में पांचवे दिन भी जारी रहा ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन।
- फोटो : RAMPUR-HP
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की 15/20 क्षेत्र में स्थापित 24 मेगावाट हाइड्रो परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का धरना पांचवें दिन में प्रवेश कर गया है। वीरवार को ग्रामीणों ने मांगें पूरी नहीं करने पर परियोजना प्रबंधक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रभावित ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों के साथ शनिवार से पावर हाउस और वियर साइट पर धरने में बैठे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस वजह से ग्रामीणों में परियोजना के खिलाफ भारी रोष पनप रहा है।
कूट पंचायत प्रधान रतन डोगरा ने बताया जब तक परियोजना प्रबंधक लैंड लूजरों को परियोजना में स्थायी रोजगार, परियोजना के कारण घरों में आई दरारों का मुआवजा, गांव के ऊपर बने पेन स्टाक को हटाने और सुरू गांव तक सड़क बनाने जैसी कई मांगों को पूरा नहीं करती हैं, तब तक उनका अनशन जारी रहेेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं।
लंबे समय से सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। बार-बार की मांग के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण ग्रामीण आज सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। प्रभावितों ने कहा कि परियोजना प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर ग्रामीणों के हक को दरकिनार कर रहा है। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर परियोजना मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कूट पंचायत प्रधान रतन डोगरा ने बताया जब तक परियोजना प्रबंधक लैंड लूजरों को परियोजना में स्थायी रोजगार, परियोजना के कारण घरों में आई दरारों का मुआवजा, गांव के ऊपर बने पेन स्टाक को हटाने और सुरू गांव तक सड़क बनाने जैसी कई मांगों को पूरा नहीं करती हैं, तब तक उनका अनशन जारी रहेेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं।
विज्ञापन
लंबे समय से सरकार, प्रशासन और परियोजना प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। बार-बार की मांग के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण ग्रामीण आज सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। प्रभावितों ने कहा कि परियोजना प्रबंधन नियमों को ताक पर रखकर ग्रामीणों के हक को दरकिनार कर रहा है। उन्होंने चेताते हुए कहा कि अगर परियोजना मांगों को जल्द पूरा नहीं करती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन