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Rampur Bushahar News: ग्रीन गेट-मुस्खोना सड़क की बदहाली को लेकर लोगों ने जताया रोष
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किन्नौर की ग्रीन गेट-मुस्खोना सडक़ की वर्षों से नहीं सुधर रही हालत। संवाद
13 साल से सड़क की नहीं सुधरी, रोजाना जान जोखिम में डालकर हो रहा सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
किन्नौर में विकास के तमाम दावों के बीच एक ऐसी सड़क भी है, जो पिछले 13 वर्षों से बदहाल है। ग्रीन गेट-शुदारंग से मुस्खोना तक सड़क पर लोगों और वाहन चालकों के लिए सफर करना जोखिमभरा है। वहीं, प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों में रोष है। सड़क जगह-जगह गड्ढों की भरमार है। टारिंग का नामोनिशान मिट चुका है। बरसात में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। बारिश और सर्दियों के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए गड्ढे खतरनाक बन जाते हैं। यह सड़क वन विभाग के अधीन आती है और विभाग का डिवीजन कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है। अधिकारी प्रतिदिन इसी टूटी सड़क से गुजरते हैं, फिर भी मरम्मत को लेकर आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। सड़क की खस्ता हालत से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और महिलाओं को होती है। स्थानीय ग्रामीणों और आम आदमी पार्टी के विधानसभा क्षेत्र सचिव प्रेम नेगी ने कहा कि 13 साल से सड़क की हालत में सुधार नहीं हो पाया है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति को देखकर लगता है कि प्रशासन और वन विभाग यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से सड़क की हालत में जल्द सुधार की मांग उठाई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
किन्नौर में विकास के तमाम दावों के बीच एक ऐसी सड़क भी है, जो पिछले 13 वर्षों से बदहाल है। ग्रीन गेट-शुदारंग से मुस्खोना तक सड़क पर लोगों और वाहन चालकों के लिए सफर करना जोखिमभरा है। वहीं, प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों में रोष है। सड़क जगह-जगह गड्ढों की भरमार है। टारिंग का नामोनिशान मिट चुका है। बरसात में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। बारिश और सर्दियों के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए गड्ढे खतरनाक बन जाते हैं। यह सड़क वन विभाग के अधीन आती है और विभाग का डिवीजन कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है। अधिकारी प्रतिदिन इसी टूटी सड़क से गुजरते हैं, फिर भी मरम्मत को लेकर आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। सड़क की खस्ता हालत से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और महिलाओं को होती है। स्थानीय ग्रामीणों और आम आदमी पार्टी के विधानसभा क्षेत्र सचिव प्रेम नेगी ने कहा कि 13 साल से सड़क की हालत में सुधार नहीं हो पाया है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति को देखकर लगता है कि प्रशासन और वन विभाग यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से सड़क की हालत में जल्द सुधार की मांग उठाई है।