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Rampur Bushahar News: न व्यवस्था न समाधान, बेतरतीब खड़े वाहन, जोखिम में जान
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रामपुर में चौधरी अड्डे में रोजाना बनी रहती है जाम की समस्या, लोगों को पैदल निकलना हुआ मुश्किल।
रामपुर में नहीं व्यवस्थित पार्किंग, बेतरतीब खड़े हो रहे वाहन बने परेशानी
रामपुर में नहीं व्यवस्थित पार्किंग, बेतरतीब खड़े हो रहे वाहन बने परेशानी
. चौधरी अड्डा से सुरक्षित पैदल निकलना लोगों को लिए बना चुनौती
. मिनी सचिवालय से लेकर चौधरी अड्डा तक की स्थिति सबसे खतरनाक
. शहर से गुजरने वाला नेशनल हाईवे पांच बना पार्किंग
न व्यवस्था न समाधान, बेतरतीब खड़े वाहन, जोखिम में जान
पार्किंग नहीं, बेतरतीब वाहनों में उलझी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर बुशहर में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहन चालक जहां मन आया, वहीं वाहन खड़ा कर देते हैं। यहां बेतरतीब पार्किंग लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। रामपुर शहर से होकर गुजरने वाला नेशनल हाईवे-पांच लोगों के लिए पार्किंग स्थल बन गया है। पुलिस और प्रशासन इसका कोई समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे समस्या और विकराल होती जा रही है। लोगों को जान जोखिम में डालकर नेशनल हाईवे पर वाहनों के बीच चलना पड़ता है। मिनी सचिवालय से लेकर चौधरी बस अड्डे तक की स्थिति सबसे खतरनाक है। इस क्षेत्र में सरकारी कार्यालय, राजकीय स्कूल और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। यहां यातायात के भारी दबाव और बेतरतीब पार्किंग से लोगों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। इस क्षेत्र में हाईवे के किनारे फुटपाथ तो है, लेकिन उसकी हालत भी ऐसी है कि लोग उस पर पैदल नहीं चल पाते हैं। कहीं फुटपाथ जर्जर हो चुका है तो कहीं उस पर कब्जा है।
चौधरी बस अड्डे से सुरक्षित पैदल निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। कहने को तो यह बस अड्डा है, लेकिन यहां नेशनल हाईवे-पांच के दोनों ओर करीब 100 मीटर की एक-एक अतिरिक्त लेन बनाई गई है। इन दोनों लेन पर हमेशा बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े रहते हैं और रेहड़ी-फड़ी लगी रहती हैं। इसके अलावा ऑटो की लंबी लाइन भी सवारियों के इंतजार में लगी रहती है। बसें भी बिना किसी तय समय अवधि के सवारियों के लिए काफी देर तक खड़ी रहती हैं। इतने छोटे क्षेत्र में 20 से 25 वाहन एक समय में खड़े होते हैं। साथ ही हाईवे से वाहनों का गुजरना भी जारी रहता है। इन सभी बाधाओं को पार करने के बाद लोगों को चौधरी बस अड्डे से निकलना पड़ता है। कई बार पैदल चल रहे लोगों को वाहन टक्कर भी मार देते हैं। शहर में अन्य स्थानों पर भी बेतरतीब पार्किंग और हाईवे पर खड़े हो रहे वाहनों से लोग परेशान हैं। चुहाबाग और खनेरी में भी नेशनल हाईवे पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कुछ ऐसा ही हाल रामपुर से गुजरने वाले 12 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे का है।
वाहनों की संख्या तीन हजार, पार्किंग सिर्फ 280 की
रामपुर बुशहर में वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में शहर के इंदिरा मार्केट और पदम छात्र स्कूल के पास दो पार्किंग चल रही हैं। इनमें केवल 280 वाहनों को पार्क करने की सुविधा है, जबकि शहर में वाहनों की संख्या तीन हजार से अधिक है। चार जिलों से उपमंडल मुख्यालय रामपुर पहुंचने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है। शहर के डकोलढ़ से लेकर खनेरी अस्पताल तक ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। यहां नेशनल हाईवे-पांच पर नियमों को ताक पर रखकर सड़क के दोनों ओर वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने शहर में एनएच पर वैली साइड वाहनों को खड़ा न करने का आदेश जारी किया है, लेकिन शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग के अभाव में चालक एनएच के किनारे वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं।
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बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग नहीं
रामपुर शहर में बाजार, बैंक, सरकारी कार्यालय और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, लेकिन वहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण उपभोक्ता और लोग दुकानों व बैंकों के सामने वाहन खड़े कर देते हैं। इसके अलावा बाजार में वाहनों का जाना प्रतिबंधित है। इससे उपभोक्ताओं को नेशनल हाईवे पर वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इससे लोगों की समस्या और बढ़ जाती है।
गौरा चौक में पार्किंग निर्माण संभव नहीं, दो नए स्थान चिह्नित
रामपुर नगर परिषद के गौरा चौक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने करीब दो साल पहले बहुमंजिला पार्किंग निर्माण की आधारशिला रखी थी। शिलान्यास के बाद जब भूवैज्ञानिकों ने भूमि का निरीक्षण किया तो पाया कि इस भूमि पर पार्किंग निर्माण संभव नहीं है। ऐसे में अब इस घोषणा के पूरा न होने से भी लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उधर, लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नगर परिषद ने दो स्थानों पर पार्किंग निर्माण की संभावना तलाशी है। नगर परिषद, राजस्व विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की संयुक्त टीम ने चुहाबाग और जीरो पॉइंट डकोलढ़ में पार्किंग निर्माण की संभावनाएं तलाशी हैं। नगर परिषद और भूवैज्ञानिक ने दोनों स्थानों का सर्वेक्षण कर लिया है। अब राजस्व विभाग से ततीमा कटने के बाद नगर परिषद संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल कर अगली प्रक्रिया अमल में लाएगी।
क्षेत्र के लोगों का कहना
रामपुर शहर के राहुल घाघटा ने कहा कि शहर में रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। शहर में पार्किंग की उचित सुविधा न होने से हजारों लोग और वाहन चालक जूझ रहे हैं। पाटबंगला से बस अड्डा जाने वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही की सही व्यवस्था न होने से यहां रोजाना जाम की समस्या रहती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए वाहन पार्किंग के स्थान निश्चित करने चाहिए।
बाहर बीस क्षेत्र के प्रेम चौहान ने कहा कि रामपुर शहर यातायात सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील बना हुआ है। वाहन चालकों सहित राहगीरों को रोजाना खतरों के साये में चलना पड़ रहा है। पार्किंग और बेहतर यातायात प्रबंधन के अभाव में शहर में जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। इसके निपटारे के लिए जल्द ठोस प्रबंध किए जाने चाहिए।
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रामपुर में नहीं व्यवस्थित पार्किंग, बेतरतीब खड़े हो रहे वाहन बने परेशानी
. चौधरी अड्डा से सुरक्षित पैदल निकलना लोगों को लिए बना चुनौती
. मिनी सचिवालय से लेकर चौधरी अड्डा तक की स्थिति सबसे खतरनाक
. शहर से गुजरने वाला नेशनल हाईवे पांच बना पार्किंग
न व्यवस्था न समाधान, बेतरतीब खड़े वाहन, जोखिम में जान
पार्किंग नहीं, बेतरतीब वाहनों में उलझी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर बुशहर में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहन चालक जहां मन आया, वहीं वाहन खड़ा कर देते हैं। यहां बेतरतीब पार्किंग लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। रामपुर शहर से होकर गुजरने वाला नेशनल हाईवे-पांच लोगों के लिए पार्किंग स्थल बन गया है। पुलिस और प्रशासन इसका कोई समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे समस्या और विकराल होती जा रही है। लोगों को जान जोखिम में डालकर नेशनल हाईवे पर वाहनों के बीच चलना पड़ता है। मिनी सचिवालय से लेकर चौधरी बस अड्डे तक की स्थिति सबसे खतरनाक है। इस क्षेत्र में सरकारी कार्यालय, राजकीय स्कूल और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। यहां यातायात के भारी दबाव और बेतरतीब पार्किंग से लोगों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। इस क्षेत्र में हाईवे के किनारे फुटपाथ तो है, लेकिन उसकी हालत भी ऐसी है कि लोग उस पर पैदल नहीं चल पाते हैं। कहीं फुटपाथ जर्जर हो चुका है तो कहीं उस पर कब्जा है।
चौधरी बस अड्डे से सुरक्षित पैदल निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। कहने को तो यह बस अड्डा है, लेकिन यहां नेशनल हाईवे-पांच के दोनों ओर करीब 100 मीटर की एक-एक अतिरिक्त लेन बनाई गई है। इन दोनों लेन पर हमेशा बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े रहते हैं और रेहड़ी-फड़ी लगी रहती हैं। इसके अलावा ऑटो की लंबी लाइन भी सवारियों के इंतजार में लगी रहती है। बसें भी बिना किसी तय समय अवधि के सवारियों के लिए काफी देर तक खड़ी रहती हैं। इतने छोटे क्षेत्र में 20 से 25 वाहन एक समय में खड़े होते हैं। साथ ही हाईवे से वाहनों का गुजरना भी जारी रहता है। इन सभी बाधाओं को पार करने के बाद लोगों को चौधरी बस अड्डे से निकलना पड़ता है। कई बार पैदल चल रहे लोगों को वाहन टक्कर भी मार देते हैं। शहर में अन्य स्थानों पर भी बेतरतीब पार्किंग और हाईवे पर खड़े हो रहे वाहनों से लोग परेशान हैं। चुहाबाग और खनेरी में भी नेशनल हाईवे पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कुछ ऐसा ही हाल रामपुर से गुजरने वाले 12 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे का है।
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रामपुर बुशहर में वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्तमान में शहर के इंदिरा मार्केट और पदम छात्र स्कूल के पास दो पार्किंग चल रही हैं। इनमें केवल 280 वाहनों को पार्क करने की सुविधा है, जबकि शहर में वाहनों की संख्या तीन हजार से अधिक है। चार जिलों से उपमंडल मुख्यालय रामपुर पहुंचने वाले लोगों को पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है। शहर के डकोलढ़ से लेकर खनेरी अस्पताल तक ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। यहां नेशनल हाईवे-पांच पर नियमों को ताक पर रखकर सड़क के दोनों ओर वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने शहर में एनएच पर वैली साइड वाहनों को खड़ा न करने का आदेश जारी किया है, लेकिन शहर में बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग के अभाव में चालक एनएच के किनारे वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं।
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बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के पास पार्किंग नहीं
रामपुर शहर में बाजार, बैंक, सरकारी कार्यालय और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं, लेकिन वहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण उपभोक्ता और लोग दुकानों व बैंकों के सामने वाहन खड़े कर देते हैं। इसके अलावा बाजार में वाहनों का जाना प्रतिबंधित है। इससे उपभोक्ताओं को नेशनल हाईवे पर वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इससे लोगों की समस्या और बढ़ जाती है।
गौरा चौक में पार्किंग निर्माण संभव नहीं, दो नए स्थान चिह्नित
रामपुर नगर परिषद के गौरा चौक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने करीब दो साल पहले बहुमंजिला पार्किंग निर्माण की आधारशिला रखी थी। शिलान्यास के बाद जब भूवैज्ञानिकों ने भूमि का निरीक्षण किया तो पाया कि इस भूमि पर पार्किंग निर्माण संभव नहीं है। ऐसे में अब इस घोषणा के पूरा न होने से भी लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उधर, लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नगर परिषद ने दो स्थानों पर पार्किंग निर्माण की संभावना तलाशी है। नगर परिषद, राजस्व विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की संयुक्त टीम ने चुहाबाग और जीरो पॉइंट डकोलढ़ में पार्किंग निर्माण की संभावनाएं तलाशी हैं। नगर परिषद और भूवैज्ञानिक ने दोनों स्थानों का सर्वेक्षण कर लिया है। अब राजस्व विभाग से ततीमा कटने के बाद नगर परिषद संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल कर अगली प्रक्रिया अमल में लाएगी।
क्षेत्र के लोगों का कहना
रामपुर शहर के राहुल घाघटा ने कहा कि शहर में रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। शहर में पार्किंग की उचित सुविधा न होने से हजारों लोग और वाहन चालक जूझ रहे हैं। पाटबंगला से बस अड्डा जाने वाली सड़क पर वाहनों की आवाजाही की सही व्यवस्था न होने से यहां रोजाना जाम की समस्या रहती है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए वाहन पार्किंग के स्थान निश्चित करने चाहिए।
बाहर बीस क्षेत्र के प्रेम चौहान ने कहा कि रामपुर शहर यातायात सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील बना हुआ है। वाहन चालकों सहित राहगीरों को रोजाना खतरों के साये में चलना पड़ रहा है। पार्किंग और बेहतर यातायात प्रबंधन के अभाव में शहर में जाम की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। इसके निपटारे के लिए जल्द ठोस प्रबंध किए जाने चाहिए।

रामपुर में चौधरी अड्डे में रोजाना बनी रहती है जाम की समस्या, लोगों को पैदल निकलना हुआ मुश्किल।

रामपुर में चौधरी अड्डे में रोजाना बनी रहती है जाम की समस्या, लोगों को पैदल निकलना हुआ मुश्किल।

रामपुर में चौधरी अड्डे में रोजाना बनी रहती है जाम की समस्या, लोगों को पैदल निकलना हुआ मुश्किल।

रामपुर में चौधरी अड्डे में रोजाना बनी रहती है जाम की समस्या, लोगों को पैदल निकलना हुआ मुश्किल।

रामपुर में चौधरी अड्डे में रोजाना बनी रहती है जाम की समस्या, लोगों को पैदल निकलना हुआ मुश्किल।