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Rampur Bushahar News: एफआरए मामलों में पैसे मांगने की शिकायतों पर मंत्री ने दिए जांच के आदेश
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एफआरए मामलों में पैसे मांगने की शिकायतों पर मंत्री ने दिए जांच के आदेश
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले दोषियों के खिलाफ दर्ज होंगे आपराधिक मामले, किसी को नहीं बख्शा जाएगा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र काजा के दौरे पर पहुंचे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मामलों को आगे बढ़ाने और उन्हें प्रक्रिया में लाने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने संबंधित मामलों की तुरंत जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआरए के तहत मामलों को प्रक्रिया में लाने के लिए किसी भी व्यक्ति की ओर से पैसे मांगना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र लोगों के मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इस प्रक्रिया के लिए किसी भी व्यक्ति को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति एफआरए के मामलों को आगे बढ़ाने, दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी करने या अन्य किसी कार्य के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ पैसे मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मंत्री नेगी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम जनजातीय क्षेत्रों के पात्र लोगों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत आने वाले मामलों का निपटारा पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके मामलों को आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगने का अधिकार नहीं है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति एफआरए के मामलों को आगे बढ़ाने या उनकी प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए पैसे मांगता है, तो वे इसकी शिकायत सीधे उनसे करें। शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि एफआरए से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है।
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले दोषियों के खिलाफ दर्ज होंगे आपराधिक मामले, किसी को नहीं बख्शा जाएगा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय क्षेत्र काजा के दौरे पर पहुंचे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मामलों को आगे बढ़ाने और उन्हें प्रक्रिया में लाने के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने संबंधित मामलों की तुरंत जांच करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफआरए के तहत मामलों को प्रक्रिया में लाने के लिए किसी भी व्यक्ति की ओर से पैसे मांगना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र लोगों के मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाना संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। इस प्रक्रिया के लिए किसी भी व्यक्ति को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई व्यक्ति एफआरए के मामलों को आगे बढ़ाने, दस्तावेज की प्रक्रिया पूरी करने या अन्य किसी कार्य के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो यह गंभीर मामला है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की गंभीरता से जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ पैसे मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मंत्री नेगी ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम जनजातीय क्षेत्रों के पात्र लोगों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत आने वाले मामलों का निपटारा पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनके मामलों को आगे बढ़ाने के बदले पैसे मांगने का अधिकार नहीं है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति एफआरए के मामलों को आगे बढ़ाने या उनकी प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए पैसे मांगता है, तो वे इसकी शिकायत सीधे उनसे करें। शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि एफआरए से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है।