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Rampur Bushahar News: अब मंत्री विक्रमादित्य भी भांग की खेती को वैध करने के समर्थन में उतरे
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कैंसर सहित अन्य दवाओं के निर्माण में होगी इस्तेमाल : विक्रमादित्य
उत्तराखंड और कर्नाटक की तर्ज पर भांग की खेती से मजबूत होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में भांग की खेती को वैध करने के बिल के बाद लोक निर्माण विभाग एवं युवा सेवा एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी इसके समर्थन में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न दवाओं में भांग का इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और कर्नाटक की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी सीमित दायरों में भांग की खेती कर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण बिल विधानसभा में लाया है। हालांकि यह दो धारी तलवार है, लेकिन यह गेम चेंजर भी हो सकता है, जिसके बारे में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी है। हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती को वैध करने को लेकर सरकार मंथन कर रही है। इसके लाभ और नुकसान दोनों ही हैं। बहुत से एक्टीविस्ट इसका विरोध करेंगे। हमें पुख्ता तथ्यों को देखने की आवश्यकता है। प्रदेश के अंदर अभी भी भांग की खेती हो रही है, इसमें कोई दो राय नहीं है। हालांकि पुलिस और प्रशासन अपना कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद यह प्रदेश की समांतर अर्थव्यवस्था बनी हुई है। इसका इस्तेमाल दवाओं के निर्माण में किया जा सकता है, जिसमें कैंसर सहित अन्य रोगों से निपटने की दवाएं बनाई जा सकती हैं। इसका दुरुपयोग न हो इसको लेकर कमेटी विधानसभा में गठित की गई है। विचार मंथन करवाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यदि लगेगा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है तो इसको अपनाया जाएगा।
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उत्तराखंड और कर्नाटक की तर्ज पर भांग की खेती से मजबूत होगी प्रदेश की अर्थव्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में भांग की खेती को वैध करने के बिल के बाद लोक निर्माण विभाग एवं युवा सेवा एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी इसके समर्थन में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न दवाओं में भांग का इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और कर्नाटक की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी सीमित दायरों में भांग की खेती कर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण बिल विधानसभा में लाया है। हालांकि यह दो धारी तलवार है, लेकिन यह गेम चेंजर भी हो सकता है, जिसके बारे में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी है। हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती को वैध करने को लेकर सरकार मंथन कर रही है। इसके लाभ और नुकसान दोनों ही हैं। बहुत से एक्टीविस्ट इसका विरोध करेंगे। हमें पुख्ता तथ्यों को देखने की आवश्यकता है। प्रदेश के अंदर अभी भी भांग की खेती हो रही है, इसमें कोई दो राय नहीं है। हालांकि पुलिस और प्रशासन अपना कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद यह प्रदेश की समांतर अर्थव्यवस्था बनी हुई है। इसका इस्तेमाल दवाओं के निर्माण में किया जा सकता है, जिसमें कैंसर सहित अन्य रोगों से निपटने की दवाएं बनाई जा सकती हैं। इसका दुरुपयोग न हो इसको लेकर कमेटी विधानसभा में गठित की गई है। विचार मंथन करवाए जा रहे हैं। आने वाले समय में यदि लगेगा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है तो इसको अपनाया जाएगा।
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