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परियोजना से फसलों को हुए नुकसान बारे हुई चर्चा
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रिकांगपिओ (किन्नौर)। कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना से संबंधित स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक उपायुक्त एवं लाडा के अध्यक्ष गोपाल चंद की अध्यक्षता में हुई। इसमें उन्होंने कहा कि परियोजना निर्माता की ओर से खर्च की गई धन राशि को लाडा निधि में समायोजित करने के लिए विचार विमर्श करने हेतु एक उप समिति का गठन किया जाएगा। यह निर्णय परियोजना प्रभावित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की ओर से राशि को लाडा में समायोजित करने के विरोध के चलते लिया गया। डीसी ने बताया कि यह उप-समीति परियोजना निर्माण के कारण प्रदूषण से कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान और उसके एवज में प्रभावितों को समूचा मुआवजा देने के बारे में भी समीक्षा करेगी। बैठक में प्रभावित पंचायतों में विभिन्न विकासात्मक कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्राधिकरण के अध्यक्ष ने सभी प्रभावित पंचायतों के प्रधानों से आग्रह किया कि लाडा के तहत बनने वाले कार्यों का मूल्यांकन शीघ्र पूरा करें। उन्होंने बताया कि परियोजना से प्रभावित 19 पंचायतों के लिए 678 विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 482 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं और 196 कार्य प्रगति पर हैं। इन विकासात्मक कार्यों के लिए 48.45 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है। जबकि जो कार्य प्रगति पर है, उन कार्यों को पूरा करने के लिए 8.38 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के प्रवेश द्वार चौरा में लोगों और पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क का निर्माण किया जाएगा। चौरा स्थित क्षतिग्रस्त तोरणद्वार की भी मरम्मत की जाएगी। इसके बारे में लोक निर्माण विभाग को परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में पोवारी में पूह और रिकांगपिओ की ओर जाने वाले मार्गों पर तोरणद्वार बनाने का भी सुझाव दिया गया। कड़छम बांध के किनारे चारदीवारी लगाने के भी परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिए गए। ब्रुआ गांव को बनने वाले रज्जु मार्ग का कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। इसके बाद निर्माणधीन शोंगठोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना से संबंधित प्रभावित पंचायतों में स्वीकृत विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सभी प्रभावित पंचायतों से आग्रह किया कि वे स्वीकृत विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करें। इस दौरान मेबर गांव को जोड़ने वाले रज्जु मार्ग के निर्माण पर भी चर्चा की गई। बैठक का संचालन सहायक आयुक्त एवं लाडा के सदस्य सचिव मुनीष शर्मा ने किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी, जिला परिषद अध्यक्ष टाशी यांगजन सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के प्रवेश द्वार चौरा में लोगों और पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क का निर्माण किया जाएगा। चौरा स्थित क्षतिग्रस्त तोरणद्वार की भी मरम्मत की जाएगी। इसके बारे में लोक निर्माण विभाग को परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में पोवारी में पूह और रिकांगपिओ की ओर जाने वाले मार्गों पर तोरणद्वार बनाने का भी सुझाव दिया गया। कड़छम बांध के किनारे चारदीवारी लगाने के भी परियोजना प्रबंधन को निर्देश दिए गए। ब्रुआ गांव को बनने वाले रज्जु मार्ग का कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। इसके बाद निर्माणधीन शोंगठोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना से संबंधित प्रभावित पंचायतों में स्वीकृत विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सभी प्रभावित पंचायतों से आग्रह किया कि वे स्वीकृत विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करें। इस दौरान मेबर गांव को जोड़ने वाले रज्जु मार्ग के निर्माण पर भी चर्चा की गई। बैठक का संचालन सहायक आयुक्त एवं लाडा के सदस्य सचिव मुनीष शर्मा ने किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक जगत सिंह नेगी, जिला परिषद अध्यक्ष टाशी यांगजन सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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