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Rampur Bushahar News: उपमंडल मुख्यालयों में 11 को गरजेंगे किसान
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किसानों की बेदखली पर लगे रोक, वन संरक्षण कानून में हो बदलाव : सभा
जिला किन्नौर, शिमला और कुल्लू में किसान सभा करेगी प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार की नाकामयाबी के कारण आज गरीब और सीमांत किसानों की जमीनों से बेदखली की जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है। न्यायालय में किसानों का पक्ष रखने में सरकार विफल रही है और अब उच्च न्यायालय की आड़ में सरकार जमीनों से बेदखली और मकानों की तालाबंदी करने जा रही है। किसान सभा इसे लेकर किन्नौर, शिमला और कुल्लू जिले के विभिन्न उपमंडलों में 11 फरवरी को विरोध-प्रदर्शन करेगी। किसान सभा ने सरकार से वन संरक्षण नियमों में बदलाव कर गरीब किसानों को राहत देने की मांग की है। हिमाचल किसान सभा जिला शिमला अध्यक्ष प्रेम चौहान, महासचिव देवकी नंद ने संयुक्त बयान में कहा कि 11 फरवरी को प्रदेश सरकार द्वारा उच्च न्यायालय की आड़ में जो लोगों की जमीन से बेदखली और मकानों में तालाबंदी की जा रही है, उसके विरोध में निरमंड, रामपुर, कुमारसैन, रोहड़ू, कोटखाई, जुब्बल, ठियोग, शिमला और भावानगर में प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन के बाद प्रदेश सरकार को मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय की आड़ में किसानों की बेदखली कर रही है, वह न्यायसंगत नहीं है। आज उन लोगों को बेदखल किया जा रहा है, जो गरीब हैं और जिनके पास जमीन भी बहुत ही कम है। सरकार भी उच्च न्यायालय में किसानों का पक्ष रखने में नाकामयाब हो रही है, जिस कारण कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए। किसान सभा मांग करती है कि किसानों की बेदखली और तालाबंदी पर रोक लगाई जाए। 1980 के वन संरक्षण कानून में बदलाव किया जाए और वन अधिकार कानून 2006 को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसान सभा सरकार से पीडि़त किसानों के सरंक्षण की भी मांग उठाएगी।
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जिला किन्नौर, शिमला और कुल्लू में किसान सभा करेगी प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार की नाकामयाबी के कारण आज गरीब और सीमांत किसानों की जमीनों से बेदखली की जा रही है, जो न्यायसंगत नहीं है। न्यायालय में किसानों का पक्ष रखने में सरकार विफल रही है और अब उच्च न्यायालय की आड़ में सरकार जमीनों से बेदखली और मकानों की तालाबंदी करने जा रही है। किसान सभा इसे लेकर किन्नौर, शिमला और कुल्लू जिले के विभिन्न उपमंडलों में 11 फरवरी को विरोध-प्रदर्शन करेगी। किसान सभा ने सरकार से वन संरक्षण नियमों में बदलाव कर गरीब किसानों को राहत देने की मांग की है। हिमाचल किसान सभा जिला शिमला अध्यक्ष प्रेम चौहान, महासचिव देवकी नंद ने संयुक्त बयान में कहा कि 11 फरवरी को प्रदेश सरकार द्वारा उच्च न्यायालय की आड़ में जो लोगों की जमीन से बेदखली और मकानों में तालाबंदी की जा रही है, उसके विरोध में निरमंड, रामपुर, कुमारसैन, रोहड़ू, कोटखाई, जुब्बल, ठियोग, शिमला और भावानगर में प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन के बाद प्रदेश सरकार को मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से प्रदेश सरकार उच्च न्यायालय की आड़ में किसानों की बेदखली कर रही है, वह न्यायसंगत नहीं है। आज उन लोगों को बेदखल किया जा रहा है, जो गरीब हैं और जिनके पास जमीन भी बहुत ही कम है। सरकार भी उच्च न्यायालय में किसानों का पक्ष रखने में नाकामयाब हो रही है, जिस कारण कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए। किसान सभा मांग करती है कि किसानों की बेदखली और तालाबंदी पर रोक लगाई जाए। 1980 के वन संरक्षण कानून में बदलाव किया जाए और वन अधिकार कानून 2006 को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों के माध्यम से किसान सभा सरकार से पीडि़त किसानों के सरंक्षण की भी मांग उठाएगी।