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Rampur Bushahar News: निचार में सिर्फ एक डॉक्टर के हाथ में स्वास्थ्य व्यवस्था की नब्ज
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचार में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
तीन डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट का एकमात्र पद पड़ा खाली
चार पंचायतों के हजारों ग्रामीण झेल रहे परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)।
किन्नौर जिले की चार पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचार में सिर्फ एक डॉक्टर के हाथ में स्वास्थ्य व्यवस्था की नब्ज है। लंबे समय से मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अस्पताल में चिकित्सक, नर्स और फार्मासिस्ट की कमी चल रही है। स्टाफ की कमी की मार आपातकालीन सेवाओं पर सबसे ज्यादा पड़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचार में चिकित्सक के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक चिकित्सक ही सेवाएं दे रहा है। अक्तूबर 2023 से एक चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है, जबकि यहां तैनात दो अन्य में से एक अन्य चिकित्सक को जनवरी, 2025 से डेपुटेशन पर दूसरे अस्पताल पर भेजा गया है। स्टाफ की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यहां पर स्टाफ नर्स के दो पद स्वीकृत हैं और 2023 से दोनों पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं, फार्मासिस्ट का पद भी अक्तूबर, 2023 से रिक्त चल रहा है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद वर्ष 2021 से खाली पड़ा हुआ है। सीएचसी से निचार, बरी, अपर सुंगरा और पौंडा पंचायत के हजारों लोगों को लाभ मिलता है। हर साल आठ हजार से 12 हजार ओपीडी रहती है, लेकिन स्टाफ की कमी से मरीज बेहाल हैं और आपातकालीन सेवाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को बेहतर उपचार के लिए 18 किलोमीटर दूर भावानगर या फिर रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचने के लिए 66 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाएं न सुधरने से ग्रामीणों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष पनपा हुआ है।
उपचार के लिए भावानगर और रामपुर जाना पड़ रहा
जिला परिषद सदस्य सुंगरा नीलायुम नेगी, बीडीसी सदस्य सरीता नेगी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री सुनीता पायलस, पूर्व प्रधान निचार बसंती नेगी, मंडल अध्यक्ष निचार ज्ञावा पालदेन नेगी सहित अन्य लोगों का कहना है कि सीएचसी में स्टाफ की कमी से मरीजों का उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को उपचार के लिए 18 किलोमीटर दूर भावानगर और 66 किलोमीटर दूर रामपुर का सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई है।
उच्चाधिकारियों के ध्यान में मामला
मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. पुष्पराज ठाकुर ने बताया कि सीएचसी निचार के रिक्त पदों का मामला सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों के ध्यान में है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।
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तीन डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट का एकमात्र पद पड़ा खाली
चार पंचायतों के हजारों ग्रामीण झेल रहे परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)।
किन्नौर जिले की चार पंचायतों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचार में सिर्फ एक डॉक्टर के हाथ में स्वास्थ्य व्यवस्था की नब्ज है। लंबे समय से मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस अस्पताल में चिकित्सक, नर्स और फार्मासिस्ट की कमी चल रही है। स्टाफ की कमी की मार आपातकालीन सेवाओं पर सबसे ज्यादा पड़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) निचार में चिकित्सक के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक चिकित्सक ही सेवाएं दे रहा है। अक्तूबर 2023 से एक चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है, जबकि यहां तैनात दो अन्य में से एक अन्य चिकित्सक को जनवरी, 2025 से डेपुटेशन पर दूसरे अस्पताल पर भेजा गया है। स्टाफ की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यहां पर स्टाफ नर्स के दो पद स्वीकृत हैं और 2023 से दोनों पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं, फार्मासिस्ट का पद भी अक्तूबर, 2023 से रिक्त चल रहा है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद वर्ष 2021 से खाली पड़ा हुआ है। सीएचसी से निचार, बरी, अपर सुंगरा और पौंडा पंचायत के हजारों लोगों को लाभ मिलता है। हर साल आठ हजार से 12 हजार ओपीडी रहती है, लेकिन स्टाफ की कमी से मरीज बेहाल हैं और आपातकालीन सेवाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को बेहतर उपचार के लिए 18 किलोमीटर दूर भावानगर या फिर रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचने के लिए 66 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाएं न सुधरने से ग्रामीणों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष पनपा हुआ है।
उपचार के लिए भावानगर और रामपुर जाना पड़ रहा
जिला परिषद सदस्य सुंगरा नीलायुम नेगी, बीडीसी सदस्य सरीता नेगी, महिला मोर्चा जिला महामंत्री सुनीता पायलस, पूर्व प्रधान निचार बसंती नेगी, मंडल अध्यक्ष निचार ज्ञावा पालदेन नेगी सहित अन्य लोगों का कहना है कि सीएचसी में स्टाफ की कमी से मरीजों का उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को उपचार के लिए 18 किलोमीटर दूर भावानगर और 66 किलोमीटर दूर रामपुर का सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से शीघ्र स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने और रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई है।
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उच्चाधिकारियों के ध्यान में मामला
मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. पुष्पराज ठाकुर ने बताया कि सीएचसी निचार के रिक्त पदों का मामला सरकार और विभाग के उच्चाधिकारियों के ध्यान में है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।
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