{"_id":"698f196b201aa0930b0f5b17","slug":"forest-fire-broke-out-in-bota-palkani-rechi-and-tho-villages-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-154123-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: बोटा, पलकानी, रेची और ठो गांव के जंगल में लगी आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: बोटा, पलकानी, रेची और ठो गांव के जंगल में लगी आग
विज्ञापन
नित्थर के बोटा पलकाली के जंगल में फैली आग से लाखों का नुकसान। संवाद
कड़ी मशक्कत के बाद बचाए घर और घासनियां
नित्थर में आग का तांडव, सैकड़ों पेड़ हुए नष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। नित्थर उप तहसील की देहरा पंचायत के बोटा और पलकानी गांव के जंगलों में शुक्रवार सुबह पूर्वाह्न 11:00 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। तेज हवा के कारण कुछ ही समय में यह आग बोटा पलकानी गांव के करीब पहुंच गई। इस आग में कई घास की घासनियां जल गईं। वहीं, आग से कई घरों को खतरा उत्पन्न हो गया था। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, रेची गांव के साथ जंगल में भी आग लगी थी। इस आग से ठो गांव के पास कई चीड़ के पेड़ जलकर राख हो गए। इससे नित्थर क्षेत्र में चारों तरफ धुआं ही धुआं हो गया। वहीं, वन सर्किल नित्थर के रेंज अधिकारी सोहन सिंह नेगी में कहा कि बार-बार कहने के बाद भी लोग आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आग से न केवल पेड़ पौधे नष्ट हो रहे हैं, बल्कि वन्य जीव भी मारे जा रहे हैं।
विज्ञापन
नित्थर में आग का तांडव, सैकड़ों पेड़ हुए नष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। नित्थर उप तहसील की देहरा पंचायत के बोटा और पलकानी गांव के जंगलों में शुक्रवार सुबह पूर्वाह्न 11:00 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। तेज हवा के कारण कुछ ही समय में यह आग बोटा पलकानी गांव के करीब पहुंच गई। इस आग में कई घास की घासनियां जल गईं। वहीं, आग से कई घरों को खतरा उत्पन्न हो गया था। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, रेची गांव के साथ जंगल में भी आग लगी थी। इस आग से ठो गांव के पास कई चीड़ के पेड़ जलकर राख हो गए। इससे नित्थर क्षेत्र में चारों तरफ धुआं ही धुआं हो गया। वहीं, वन सर्किल नित्थर के रेंज अधिकारी सोहन सिंह नेगी में कहा कि बार-बार कहने के बाद भी लोग आग लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आग से न केवल पेड़ पौधे नष्ट हो रहे हैं, बल्कि वन्य जीव भी मारे जा रहे हैं।