{"_id":"5e91db738ebc3e6fed1323af","slug":"education-rampur-hp-news-sml330157352","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 जून तक फीस नहीं ले सकेंगे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
30 जून तक फीस नहीं ले सकेंगे स्कूल
विज्ञापन
रामपुर बुशहर। कोरोना वायरस जैसी महामारी को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद किया गया है। ऐसे में कई निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को फीस अदा करने का दबाव बना रहे हैं, जिन पर प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रबंधकों को 30 जून तक बच्चों की फीस न लेने के निर्देश दिए हैं, यदि कोई इन निर्देशों की अवहेलना करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रामपुर उपमंडल में सरकारी और निजी स्कूलों में हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 22 मार्च से प्रदेश के सभी स्कूल बंद हैं। ऐसे में कई स्कूल प्रबंधक छात्रों के अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे थे। लॉकडाउन के चलते कई अभिभावकों का रोजगार पूरी तरह से ठप हो गया है, ऐसे में इन अभिभावकों के पास बच्चों की फीस जमा करने के लिए धनराशि नहीं है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को 30 जून तक फीस न लेने के निर्देश दिए हैं। विभाग के इस फैसले के बाद हजारों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को स्पष्ट कर दिया है कि वे अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए मजबूर न करें। विभाग ने चेताया है कि यदि कोई शिकायत मिलती है तो डिफाल्टर स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संदर्भ में उपमंडलाधिकारी ने भी उपमंडल के सभी स्कूल प्रबंधकों को सूचित किया है। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि निजी और सरकारी स्कूल प्रबंधकों को सूचित किया गया है कि वे छात्रों के अभिभावकों से 30 जून तक फीस न लें। यदि अभिभावकों को फीस जमा करवाने को मजबूर करने की शिकायत मिलती है, तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कोरोना वायरस से छिड़ी जंग में सभी से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रबंधकों को 30 जून तक बच्चों की फीस न लेने के निर्देश दिए हैं, यदि कोई इन निर्देशों की अवहेलना करता हुआ पाया जाता है, तो उस पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
रामपुर उपमंडल में सरकारी और निजी स्कूलों में हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 22 मार्च से प्रदेश के सभी स्कूल बंद हैं। ऐसे में कई स्कूल प्रबंधक छात्रों के अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे थे। लॉकडाउन के चलते कई अभिभावकों का रोजगार पूरी तरह से ठप हो गया है, ऐसे में इन अभिभावकों के पास बच्चों की फीस जमा करने के लिए धनराशि नहीं है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को 30 जून तक फीस न लेने के निर्देश दिए हैं। विभाग के इस फैसले के बाद हजारों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को स्पष्ट कर दिया है कि वे अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए मजबूर न करें। विभाग ने चेताया है कि यदि कोई शिकायत मिलती है तो डिफाल्टर स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संदर्भ में उपमंडलाधिकारी ने भी उपमंडल के सभी स्कूल प्रबंधकों को सूचित किया है। एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान ने बताया कि निजी और सरकारी स्कूल प्रबंधकों को सूचित किया गया है कि वे छात्रों के अभिभावकों से 30 जून तक फीस न लें। यदि अभिभावकों को फीस जमा करवाने को मजबूर करने की शिकायत मिलती है, तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कोरोना वायरस से छिड़ी जंग में सभी से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।
विज्ञापन