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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   demand to increase milk price

Rampur Bushahar News: 40 रुपये लीटर किए जाएं दूध के दाम

Fri, 10 Nov 2023 06:27 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Nov 2023 06:27 PM IST
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दूध उत्पादक संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर उठाई मांग
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मांगें पूरी न होने पर 25 को राज्य सचिवालय का घेराव करने की दी चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। सरकार की नीतियों से दूध उत्पादक दुखी हैं। उनका शोषण हो रहा है। पूर्व और वर्तमान सरकार आज तक कोई स्थायी नीति दूध उत्पादकों के लिए नहीं बना पाई हैं। ऐसे में दूध उत्पादन घाटे का सौदा बन गया है। मिल्क फेडरेशन और निजी कंपनियां 22 से लेकर 30 रुपये तक दूध का दाम प्रति लीटर दे रही हैं, जबकि फीड, दवाई और चोकर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और दूध पैदावार की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।


हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ ने एसडीएम निरमंड के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा। हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक देवकी नंद, सह संयोजक कश्मीरी लाल, किसान सभा जिला शिमला के महासचिव पूर्ण ठाकुर ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण दूध उत्पादक परेशानियां झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव से पहले जनता से वादा किया था कि सरकार सत्ता में आने के बाद 80 व 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदेगी, जो केवल चुनावी घोषणा बनकर रह गई है। इस बार के बजट में भी एक पैसे की बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि हर साल बजट में दो-तीन रुपये की बढ़ोतरी होती थी। देश और प्रदेश में महंगाई बढ़ रही है और फीड व चोकर के दाम बढ़े हैं। ऐसे में सरकार को भी दूध के दाम बढ़ाकर दुग्ध उत्पादकों को राहत देने का काम करना चाहिए। जो पशु औषधालय ग्रामीण क्षेत्र में खोले गए हैं वहां पर डॉक्टर के पद खाली पड़े हैं। कई पशु औषधालय में तो ताले लटके हुए हैं। संघ ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि दूध का दाम कम से कम 40 रुपये प्रति लीटर किया जाए। दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले दी जाए। सभी सोसायटियों में दूध की गुणवत्ता को मापने के लिए टेस्टिंग मशीन लगाई जाए, ताकि दूध की गुणवत्ता को सुधारा जा सके। पशु औषधालय में सभी खाली पद भरे जाएं। पशु आहार पर सब्सिडी दी जाए। नए चिल्लिंग प्लांट खोले जाएं, दत्तनगर में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट खोला जाए। मिल्क फेडरेशन के लिए बजट का उचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने इन मांगों के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए तो 25 नवंबर को शिमला में सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर पूर्ण ठाकुर, अवस्ती, चरण दास, नीरथ सिंह, बलवीर, राजेंदर आदि मौजूद रहे।
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