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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का सेब बागवानों से कोई सरोकार नहीं : चेतन बरागटा
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भाजपा नेता ने एचपीएमसी केंद्रों पर बनी अव्यवस्था पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। भाजपा नेता चेतन बरागटा ने एचपीएमसी केंद्रों के बाहर बनी अव्यवस्था पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात प्रदेश की बागवानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही को उजागर करते हैं। यह पूरी अव्यवस्था शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल रही है, जिससे साफ है कि उनका सेब बागवानों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत पारदर्शी व्यवस्था बनाकर बागवानों को समय पर आवश्यक बागवानी सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। बागवान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, एमआईएस के तहत सरकार की ओर से खरीदे गए सेब के बदले मिलने वाली सामग्री भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। पूर्व भाजपा सरकार के समय प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) केंद्रों पर स्प्रे ऑयल, खाद, चपाटिया पेस्ट, ब्लाइटॉक्स, कीटनाशक, बोर्डो मिक्सचर और स्प्रे मशीनें आसानी से मिल जाती थीं, लेकिन आज ये सभी जरूरी सामग्री नदारद है। इससे बागवानों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड के नाम पर बागवानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। अब स्थिति यह है कि गुम्मा एचपीएमसी केंद्र के बाहर बागवान रात 2:00 बजे से लाइन में खड़े हैं। यही हालात रोहड़ू और जुब्बल में बने हुए हैं। न तो सामग्री की उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी है और न ही वितरण को लेकर कोई पारदर्शी व्यवस्था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। भाजपा नेता चेतन बरागटा ने एचपीएमसी केंद्रों के बाहर बनी अव्यवस्था पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात प्रदेश की बागवानी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही को उजागर करते हैं। यह पूरी अव्यवस्था शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल रही है, जिससे साफ है कि उनका सेब बागवानों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत पारदर्शी व्यवस्था बनाकर बागवानों को समय पर आवश्यक बागवानी सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। बागवान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं, एमआईएस के तहत सरकार की ओर से खरीदे गए सेब के बदले मिलने वाली सामग्री भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। पूर्व भाजपा सरकार के समय प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) केंद्रों पर स्प्रे ऑयल, खाद, चपाटिया पेस्ट, ब्लाइटॉक्स, कीटनाशक, बोर्डो मिक्सचर और स्प्रे मशीनें आसानी से मिल जाती थीं, लेकिन आज ये सभी जरूरी सामग्री नदारद है। इससे बागवानों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड के नाम पर बागवानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। अब स्थिति यह है कि गुम्मा एचपीएमसी केंद्र के बाहर बागवान रात 2:00 बजे से लाइन में खड़े हैं। यही हालात रोहड़ू और जुब्बल में बने हुए हैं। न तो सामग्री की उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी है और न ही वितरण को लेकर कोई पारदर्शी व्यवस्था।