{"_id":"5c59b6dabdec222bf45287d0","slug":"15493834987-rampur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंकर की बीमारी से करें पेड़ों का बचाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंकर की बीमारी से करें पेड़ों का बचाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
रामपुर बुशहर। प्रदेश में बागवानी की उन्नत तकनीक की जानकारी देने के लिए बागवानी प्रशिक्षण केंद्र दत्तनगर में बागवानों के लिए प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण विश्व बैंक पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी विकास परियोजना के तहत प्रदान किया जा रहा है। तीन दिन के इस प्रशिक्षण के पहले दिन बागवानों को विदेशी विशेषज्ञ द्वारा रामपुर और आनी के बागवानों द्वारा सेब उत्पादन की उन्नत तकनीक के बारे में जानकारी दी गईं।
सेब विशेषज्ञ डॉ. डेविड मेन्करिलो ने बताया कि पेड़ों में कैंकर की बीमारी को रोकना जरूरी है। बेहतर तरीके से प्रूनिंग की जाए और कटे स्थान पर फेविकोल या अन्य किसी पदार्थ से सील कर दिया जाए तो कैंकर जैसी बीमारी पर अंकुश लगाया जा सकता है। इसके अलावा अच्छे स्तर की दवाइयों को छिड़काव भी इसे रोकने में सहायक हो सकता है। दवाओं का निर्धारित मात्रा से ज्यादा उपयोग करने के कारण ही यह समस्या पेश आई है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान प्लांट प्रोटेक्शन एंड केनोपी मैनेजमेंट एक्सपर्ट जैक ह्यूस ने बताया कि अगले दो दिनों तक बागवानों को क्षेत्र के बागीचों का भ्रमण कर प्रूनिंग की तकनीक की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तम तकनीक की प्रूनिंग से ही कैंकर की बीमारी पर रोक लगाई जा सकती है। इस शिविर में कई किसानों और बागवानों ने भाग लिया।
विज्ञापन