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मशहूरी के लिए पर्यावरण से किया जा रहा खिलवाड़
Updated Mon, 27 Nov 2017 04:54 PM IST
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पेड़ों का छलनी कर विभागों ने लटकाए बोर्ड, होर्डिंग्स
किन्नौर में सरकारी, गैर सरकारी संस्थान पर्यावरण से कर रहे खिलवाड़
कानूनी कार्रवाई करेंगे : डीएफओ
बीरबल नेगी
सांगला(किन्नौर)।
रिकांगपिओ समेत कल्पा, पूह और निचार खंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थान विज्ञापन के लिए पर्यावरण से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले के कई स्थानों पर विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग्स लटकाने के लिए पेड़ों को छलनी किया गया है। ये बोर्ड और होर्डिंग्स सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।
कल्पा, पूह और निचार खंड में कई जगहों में पेड़ों में बोर्ड, होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाया गया है। वन विभाग के अधिकारी भी इस मामले को लेकर खामोश बैठे हैं। क्षेत्र में तैनात वन विभाग के आलाधिकारियों को भी इसका कोई भय नहीं है। गैर सरकारी संस्थाओं के अतिरिक्त सरकारी संस्थाएं भी पेड़ों में बोर्ड लगाने से नहीं कतरा रहे।
कई जगह बीएसएनएल की तारें भी नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों पर लटकाई गई हैं। निगम के अधिकारी भी इन लाइनों को हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। रिकांगपिओ बस अड्डे के नजदीक ही सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चिलगोजे के पेड़ों पर मोटी-मोटी कीलें ठोककर पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ होता दिख रहा है। चिलगोजे का पेड़ जो किन्नौर के लिए वरदान माने जाते हैं। किन्नौर के अलावा ये केवल अफगानिस्तान में ही पाया जाता है। हालांकि होर्डिंग और बोर्ड लगाने से पहले ये संस्थान इन पेड़ों को भी ध्यान में नहीं रखते हैं।
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पर्यावरण प्रेमी सूरज नेगी, ओमप्रकाश नेगी, धीरज कुमार नेगी, प्रवेश नेगी, दीपक नेगी, सुभाष नेगी, यशवंत सिंह नेगी, हाकीम चंद नेगी, वेदराज नेगी, रमेश ठाकुर, आमीरलामा, राजेश नेगी ने जिला प्रशासन और वन विभाग से पेड़ों पर लगे बोर्ड और होर्डिंग्स को हटाने की मांग की है।
इस बारे में वन विभाग किन्नौर के डीएफओ एंजल चौहान ने कहा कि रिकांगपिओ सहित जिले के तीनों खंडों में लगाए बोर्डों को जल्द ही हटा दिया जाएगा। सभी सरकारी और गैर सरकारी महकमों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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किन्नौर में सरकारी, गैर सरकारी संस्थान पर्यावरण से कर रहे खिलवाड़
कानूनी कार्रवाई करेंगे : डीएफओ
बीरबल नेगी
सांगला(किन्नौर)।
रिकांगपिओ समेत कल्पा, पूह और निचार खंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थान विज्ञापन के लिए पर्यावरण से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले के कई स्थानों पर विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग्स लटकाने के लिए पेड़ों को छलनी किया गया है। ये बोर्ड और होर्डिंग्स सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इससे पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है।
कल्पा, पूह और निचार खंड में कई जगहों में पेड़ों में बोर्ड, होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाया गया है। वन विभाग के अधिकारी भी इस मामले को लेकर खामोश बैठे हैं। क्षेत्र में तैनात वन विभाग के आलाधिकारियों को भी इसका कोई भय नहीं है। गैर सरकारी संस्थाओं के अतिरिक्त सरकारी संस्थाएं भी पेड़ों में बोर्ड लगाने से नहीं कतरा रहे।
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कई जगह बीएसएनएल की तारें भी नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों पर लटकाई गई हैं। निगम के अधिकारी भी इन लाइनों को हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। रिकांगपिओ बस अड्डे के नजदीक ही सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चिलगोजे के पेड़ों पर मोटी-मोटी कीलें ठोककर पेड़ों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ होता दिख रहा है। चिलगोजे का पेड़ जो किन्नौर के लिए वरदान माने जाते हैं। किन्नौर के अलावा ये केवल अफगानिस्तान में ही पाया जाता है। हालांकि होर्डिंग और बोर्ड लगाने से पहले ये संस्थान इन पेड़ों को भी ध्यान में नहीं रखते हैं।
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पर्यावरण प्रेमी सूरज नेगी, ओमप्रकाश नेगी, धीरज कुमार नेगी, प्रवेश नेगी, दीपक नेगी, सुभाष नेगी, यशवंत सिंह नेगी, हाकीम चंद नेगी, वेदराज नेगी, रमेश ठाकुर, आमीरलामा, राजेश नेगी ने जिला प्रशासन और वन विभाग से पेड़ों पर लगे बोर्ड और होर्डिंग्स को हटाने की मांग की है।
इस बारे में वन विभाग किन्नौर के डीएफओ एंजल चौहान ने कहा कि रिकांगपिओ सहित जिले के तीनों खंडों में लगाए बोर्डों को जल्द ही हटा दिया जाएगा। सभी सरकारी और गैर सरकारी महकमों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।