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ट्रायल सफल: तीन नए इंजन के साथ पंद्रह सितंबर के बाद बहाल होगी जोगिंद्रनगर पठानकोट रेल सेवा
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जोगिंद्रनगर (मंडी)। ऐतिहासिक पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल ट्रैक पर 15 सितंबर के बाद तीन नए इंजन के साथ रेल सेवा शुरू हो सकती है। रेल सेवा बहाल करने के लिए तीन दिन तक चला ट्रायल सफल रहा है। इसकी रिपोर्ट रेलवे विभाग ने उच्चाधिकारियों को भेज दी है। हरी झंडी मिलने के बाद ट्रैक पर फिर रेल सेवा बहाल की जाएगी। कोरोना काल में करीब पांच माह से रेल सेवा बंद पड़ी है। पठानकोट से जोगिंद्रनगर रेल ट्रैक पर हर रोज तीन से चार रेल गाड़ी अपडाउन करती थी। रेल गाड़ी का किराया कम होने के कारण लोगों और व्यापारियों को काफी राहत मिलती थी। यदि रेल सेवा पंद्रह सितंबर के बाद बहाल हुई तो लोगों को इसका फायदा मिलेगा। अक्सर ट्रैक पर हांफने वाले पुराने इंजनों से भी निजात मिलेगी और यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिलेगी। जोगिंद्रनगर रेलवे स्टेशन मास्टर राजेश भारद्वाज ने बताया कि ट्रायल सफल रहा है। तीन नए इंजनों को ट्रैक पर दौड़ाया गया। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। रेलवे विभाग से हरी झंडी मिलते ही पंद्रह सितंबर के बाद रेल सेवा बहाल हो सकेगी।
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ब्राडगेज की मांग : देश की सुरक्षा में अहम रोल अदा
कर सकता है पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल मार्ग
सुरक्षा की दृष्टि से अहम रोल अदा करने वाली पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल आज भी अपने पुराने ढर्रे पर ही दौड़ रही है। कई बार विभिन्न मंचों से रेललाइन के ब्राडगेज करने और इसे लेह तक ले जाने की कई सांसदों ने कवायद शुरू की लेकिन कुछ नहीं हो पाया। क्षेत्र के सेवानिवृत्त कैप्टन शरद शर्मा, कैप्टन ज्ञानेश्वर धरवाल, बुद्धि सिंह ठाकुर, अमन ठाकुर, रामलाल, रामदयाल, ओमशंकर, रमेश चंद, बुद्धि सिंह, अश्वनी कुमार का कहना है कि आज भी पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेल पुराने ढर्रे पर दौड़ रही है। अगर रेल ट्रैक लेह तक पहुंचता है तो यह भारत-चीन तनाव के दौरान बहुत ही अहम रोल अदा करेगा।
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