{"_id":"69b0606c644c4977790b9b10","slug":"treatment-of-newborns-has-stopped-in-jogindernagar-hospital-for-one-year-mandi-news-c-90-1-mnd1023-188780-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक साल से नवजात शिशुओं का उपचार ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक साल से नवजात शिशुओं का उपचार ठप
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति न होने से सुनसान पड़ा शिशु
बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक न होने से भटक रहे अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक साल से नवजात शिशुओं का उपचार ठप है। अभिभावक निजी अस्पतालों में भटक रहे हैं। हालात यह है कि यहां शिशु वार्ड भी पूरी तरह खाली पड़ा हुआ है। बच्चों को उपचार के लिए दूसरी जगह पूरा दिन खराब हो रहा है।
मंगलवार को फिर नवजात शिशुओं के साथ स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे अभिभावक विनोद कुमार, अजय और बनिता ने बताया कि कई किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यहां दूसरे डॉक्टर से ही उपचार हासिल करना पड़ रहा है। एक साल से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति न होने से प्रतिदिन 20 से अधिक नवजात शिशुओं को बिना उपचार लौटना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि यहां स्थायी शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए। उपमंडल में इस तरह की सुविधा कहीं भी नहीं है। इस कारण अधिक दिक्कतें पेश आ रही हैं।
बता दें कि पूर्व में यहां शिशु रोग विशेषज्ञ होने पर भारी भीड़ रहती थी। सर्दी, खांसी समेत अन्य बीमारियों का स्थानीय स्तर पर उपचार मिल रहा था, लेकिन अब बच्चों को अस्वस्थ देखकर अभिभावक तुरंत बैजनाथ या मंडी जाने को मजबूर हैं। इधर, स्थानीय अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने कहा कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के संपर्क में हैं। अन्य चिकित्सक नवजात शिशुओं को भी स्वास्थ्य लाभ दिलाने में कार्यरत हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार जारी है। प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के लिए भी विचार किया जा रहा है। -डॉ. दीपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी जिला मंडी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर अस्पताल में एक साल से नवजात शिशुओं का उपचार ठप है। अभिभावक निजी अस्पतालों में भटक रहे हैं। हालात यह है कि यहां शिशु वार्ड भी पूरी तरह खाली पड़ा हुआ है। बच्चों को उपचार के लिए दूसरी जगह पूरा दिन खराब हो रहा है।
मंगलवार को फिर नवजात शिशुओं के साथ स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे अभिभावक विनोद कुमार, अजय और बनिता ने बताया कि कई किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यहां दूसरे डॉक्टर से ही उपचार हासिल करना पड़ रहा है। एक साल से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति न होने से प्रतिदिन 20 से अधिक नवजात शिशुओं को बिना उपचार लौटना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि यहां स्थायी शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए। उपमंडल में इस तरह की सुविधा कहीं भी नहीं है। इस कारण अधिक दिक्कतें पेश आ रही हैं।
विज्ञापन
बता दें कि पूर्व में यहां शिशु रोग विशेषज्ञ होने पर भारी भीड़ रहती थी। सर्दी, खांसी समेत अन्य बीमारियों का स्थानीय स्तर पर उपचार मिल रहा था, लेकिन अब बच्चों को अस्वस्थ देखकर अभिभावक तुरंत बैजनाथ या मंडी जाने को मजबूर हैं। इधर, स्थानीय अस्पताल के एसएमओ डॉ. विकास नाथ ने कहा कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के संपर्क में हैं। अन्य चिकित्सक नवजात शिशुओं को भी स्वास्थ्य लाभ दिलाने में कार्यरत हैं।
विज्ञापन
बॉक्स
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार जारी है। प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के लिए भी विचार किया जा रहा है। -डॉ. दीपाली शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी जिला मंडी।