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Mandi News: एक निदेशालय की कवायद पर भड़का संघ
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मंडी। नर्सरी, केजी से 12वीं कक्षा तक एक निदेशालय की कवायद पर प्राथमिक शिक्षक संघ भड़क गया है। पदाधिकारियों का तर्क है कि इस व्यवस्था से गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना मुश्किल भरा कार्य रहेगा। यदि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वास्तव में धरातल पर अमलीजामा पहनाना है तो नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक एक अलग निदेशालय बनाया जाना चाहिए।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंडी के अध्यक्ष इंद्र भारद्वाज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हेमराज ठाकुर ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के वर्तमान ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सर्वप्रथम हिमाचल प्रदेश में 6300 पाठशालाओं में नर्सरी अध्यापिकाएं तैनात की जानी चाहिएं। प्रदेश ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को स्वीकृति दी थी। प्रदेश सरकार इसके भिन्न-भिन्न सोपानों को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।
इस कड़ी में प्रदेश सरकार नर्सरी, केजी से 12वीं कक्षा तक तथा कॉलेज और तकनीकी शिक्षा के लिए अलग निदेशक तैनात करने की योजना बना रही है। यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा। कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में मुख्य शिक्षक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी और उपनिदेशक और निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के ढांचे में कतई बदलाव नहीं होना चाहिए।
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इन पदों पर शिक्षाविद ही तैनात होने चाहिएं। यदि सरकार ने वर्तमान ढांचे में बदलाव का कदम उठाया तो राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंडी विरोध में धरने-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेगा। शिक्षा विभाग के कुछ प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के वास्तविक ढांचे को न दर्शाकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार को भिन्न-भिन्न शिक्षक संगठनों को विश्वास में लेकर वार्ता के लिए बुलाया जाना चाहिए ताकि शिक्षा का वास्तविक ढांचा न चरमराए।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंडी के अध्यक्ष इंद्र भारद्वाज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हेमराज ठाकुर ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के वर्तमान ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सर्वप्रथम हिमाचल प्रदेश में 6300 पाठशालाओं में नर्सरी अध्यापिकाएं तैनात की जानी चाहिएं। प्रदेश ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को स्वीकृति दी थी। प्रदेश सरकार इसके भिन्न-भिन्न सोपानों को धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।
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इस कड़ी में प्रदेश सरकार नर्सरी, केजी से 12वीं कक्षा तक तथा कॉलेज और तकनीकी शिक्षा के लिए अलग निदेशक तैनात करने की योजना बना रही है। यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा। कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में मुख्य शिक्षक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी और उपनिदेशक और निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के ढांचे में कतई बदलाव नहीं होना चाहिए।
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इन पदों पर शिक्षाविद ही तैनात होने चाहिएं। यदि सरकार ने वर्तमान ढांचे में बदलाव का कदम उठाया तो राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंडी विरोध में धरने-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेगा। शिक्षा विभाग के कुछ प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के वास्तविक ढांचे को न दर्शाकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार को भिन्न-भिन्न शिक्षक संगठनों को विश्वास में लेकर वार्ता के लिए बुलाया जाना चाहिए ताकि शिक्षा का वास्तविक ढांचा न चरमराए।