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Mandi News: रित्विक अध्यक्ष, दीपक जिला सचिव चुने
Thu, 06 Mar 2025 12:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 06 Mar 2025 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। एसएफआई जिला इकाई का सम्मेलन सरकाघाट में संपन्न हुआ। सम्मेलन ने जनवादी तरीके से रित्विक को जिला अध्यक्ष व दीपक कुमार को जिला सचिव चुना गया। सम्मेलन में नितीश, अंशिका, विजय, मोहित, अभिषेक, अमन, अरुण, विपन, शुभम, अभिनय सहित 19 सदस्यीय कमेटी और छह सदस्य सचिवालय के लिए चुने गए।
सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई हिमाचल प्रदेश के राज्य सचिव दिनीत देंटा ने किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिनीत ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तरीके से देश और प्रदेश में समावेशी व समतामूलक शिक्षा व्यवस्था पर हमले किए जा रहे हैं।
यह हमारी लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणाली पर सबसे बड़ी चुनौती है। देश और प्रदेश में जिन महाविद्यालयों व विद्यालयों में 3000 से कम विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनको जबरन बंद किया जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के बाद देश में लगभग 51000 सरकारी स्कूलों को समाप्त कर दिया है। एसएफआई देश व प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लगातार विरोध कर रही है।
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वर्तमान समय में देश में लगभग 13 करोड़ बच्चे ऐसे हैं जो शिक्षा के मूल अधिकार से वंचित है। दिनीत ने कहा कि 2014 से केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने लगातार लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को हाशिये की तरफ धकेलने का काम किया है। सम्मेलन का समापन राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया।
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मंडी। एसएफआई जिला इकाई का सम्मेलन सरकाघाट में संपन्न हुआ। सम्मेलन ने जनवादी तरीके से रित्विक को जिला अध्यक्ष व दीपक कुमार को जिला सचिव चुना गया। सम्मेलन में नितीश, अंशिका, विजय, मोहित, अभिषेक, अमन, अरुण, विपन, शुभम, अभिनय सहित 19 सदस्यीय कमेटी और छह सदस्य सचिवालय के लिए चुने गए।
सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई हिमाचल प्रदेश के राज्य सचिव दिनीत देंटा ने किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिनीत ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तरीके से देश और प्रदेश में समावेशी व समतामूलक शिक्षा व्यवस्था पर हमले किए जा रहे हैं।
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यह हमारी लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणाली पर सबसे बड़ी चुनौती है। देश और प्रदेश में जिन महाविद्यालयों व विद्यालयों में 3000 से कम विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उनको जबरन बंद किया जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के बाद देश में लगभग 51000 सरकारी स्कूलों को समाप्त कर दिया है। एसएफआई देश व प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लगातार विरोध कर रही है।
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वर्तमान समय में देश में लगभग 13 करोड़ बच्चे ऐसे हैं जो शिक्षा के मूल अधिकार से वंचित है। दिनीत ने कहा कि 2014 से केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने लगातार लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को हाशिये की तरफ धकेलने का काम किया है। सम्मेलन का समापन राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने किया।