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Mandi News: पीसीबी सचिव ने माना स्थिति गंभीर, छह माह के भीतर हटाएं कूड़े का पहाड़
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बिंद्रावणी डंपिंग साइट : कहा-नगर निगम को इस तरफ खास ध्यान देने की जरूरत
कूड़े के पहाड़ के नीचे बह रहे लीचेट को साइट पर रिसाइकिल करने का कार्य भी शुरू करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम की बिंद्रावणी डंपिंग साइट पर बने कूड़े के पहाड़ को 6-7 माह के भीतर हटाना होगा। सोमवार को डंपिंग साइट का औचक निरीक्षण करने के बाद हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने मंगलवार को माना कि यहां वर्षों से डंप किए 50 हजार मीट्रिक टन कूड़े से स्थिति गंभीर बन गई है। निगम को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कूड़े का पहाड़ बढ़ता जाएगा।
निगम की ओर से रोजाना 15 वार्डों से 20 से 25 मीट्रिक टन कचरा यहां गिराया जा रहा है। निगम को एचपीपीसीबी के पास प्राथमिकता पर विरासती कचरे का प्रसंस्करण शुरू करने और आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश करनी होगी। सचिव ने कूड़े के पहाड़ के रिसाव से नीचे बह रहे लीचेट (जहरीले पदार्थ) को साइट पर रिसाइकिल करने का कार्य भी शुरू करने को कहा है। उन्होंने माना कि बरसात के दिनों में स्थिति काफी विकराल हो सकती है।
उधर, नगर निगम का कहना है कि डंपिंग साइट में कूड़े का निष्पादन किया जा रहा है, लेकिन पहले से जमा कूड़े के निष्पादन का कार्य इन दिनों ठप है। पुराने स्टॉक के निष्पादन का कार्य करने वाली हरियाणा की जेवीआर कंपनी के साथ निष्पादन कार्य के करार की अवधि खत्म होने के बाद कंपनी यहां से बोरिया बिस्तर समेट कर चली गई है। नगर निगम की ओर से नए सिरे से कूड़े के निष्पादन का टेंडर किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुराने स्टाक का निष्पादन कार्य शुरू हो पाएगा।
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कोट्स
बिंद्रावणी में डंपिंग साइट के निरीक्षण के दौरान पाया कि वर्षों से डंप कूड़े के कारण स्थिति गंभीर है। निगम के अधिकारियों ने 6-7 माह के भीतर इसे हटाने का आश्वासन दिया है। कूड़े के निष्पादन के लिए कदम उठाने के साथ कूड़े के पहाड़ से वर्षा के पानी के साथ घुल कर बह रहे जहरीले लीचेट को रिसाइकिल करने और डंपिंग साइट में प्लास्टिक युक्त कचरे का निष्पादन करने के भी निर्देश दिए हैं।
-अनिल जोशी, सदस्य सचिव, हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
कोट्स
आचार संहिता के चलते कूड़े को उठाने का टेंडर नहीं हो पा रहा है, लेकिन पीसीबी सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी टेंडर कर सकती है। उसके पास पूरा प्रोसेस भेजा गया है। इस हफ्ते या इस माह के अंत तक टेंडर अवार्ड होने की उम्मीद है। उसके बाद फुल स्केल पर इस पर काम करना शुरू करवा दिया जाएगा। बहुत जल्द और 6-7 महीनों के भीतर साइट साफ कर दी जाएगी।
-विकास शर्मा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम मंडी
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कूड़े के पहाड़ के नीचे बह रहे लीचेट को साइट पर रिसाइकिल करने का कार्य भी शुरू करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। नगर निगम की बिंद्रावणी डंपिंग साइट पर बने कूड़े के पहाड़ को 6-7 माह के भीतर हटाना होगा। सोमवार को डंपिंग साइट का औचक निरीक्षण करने के बाद हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने मंगलवार को माना कि यहां वर्षों से डंप किए 50 हजार मीट्रिक टन कूड़े से स्थिति गंभीर बन गई है। निगम को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। अगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कूड़े का पहाड़ बढ़ता जाएगा।
निगम की ओर से रोजाना 15 वार्डों से 20 से 25 मीट्रिक टन कचरा यहां गिराया जा रहा है। निगम को एचपीपीसीबी के पास प्राथमिकता पर विरासती कचरे का प्रसंस्करण शुरू करने और आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश करनी होगी। सचिव ने कूड़े के पहाड़ के रिसाव से नीचे बह रहे लीचेट (जहरीले पदार्थ) को साइट पर रिसाइकिल करने का कार्य भी शुरू करने को कहा है। उन्होंने माना कि बरसात के दिनों में स्थिति काफी विकराल हो सकती है।
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उधर, नगर निगम का कहना है कि डंपिंग साइट में कूड़े का निष्पादन किया जा रहा है, लेकिन पहले से जमा कूड़े के निष्पादन का कार्य इन दिनों ठप है। पुराने स्टॉक के निष्पादन का कार्य करने वाली हरियाणा की जेवीआर कंपनी के साथ निष्पादन कार्य के करार की अवधि खत्म होने के बाद कंपनी यहां से बोरिया बिस्तर समेट कर चली गई है। नगर निगम की ओर से नए सिरे से कूड़े के निष्पादन का टेंडर किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुराने स्टाक का निष्पादन कार्य शुरू हो पाएगा।
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बिंद्रावणी में डंपिंग साइट के निरीक्षण के दौरान पाया कि वर्षों से डंप कूड़े के कारण स्थिति गंभीर है। निगम के अधिकारियों ने 6-7 माह के भीतर इसे हटाने का आश्वासन दिया है। कूड़े के निष्पादन के लिए कदम उठाने के साथ कूड़े के पहाड़ से वर्षा के पानी के साथ घुल कर बह रहे जहरीले लीचेट को रिसाइकिल करने और डंपिंग साइट में प्लास्टिक युक्त कचरे का निष्पादन करने के भी निर्देश दिए हैं।
-अनिल जोशी, सदस्य सचिव, हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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आचार संहिता के चलते कूड़े को उठाने का टेंडर नहीं हो पा रहा है, लेकिन पीसीबी सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी टेंडर कर सकती है। उसके पास पूरा प्रोसेस भेजा गया है। इस हफ्ते या इस माह के अंत तक टेंडर अवार्ड होने की उम्मीद है। उसके बाद फुल स्केल पर इस पर काम करना शुरू करवा दिया जाएगा। बहुत जल्द और 6-7 महीनों के भीतर साइट साफ कर दी जाएगी।
-विकास शर्मा, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम मंडी