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Mandi News: मशालों की रोशनी से जगमगाया नाऊ गांव
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नगवाई क्षेत्र के नाऊ गांव में आयोजित माता अंबिका की वार्षिक जाग में जलती मशालों से मंदिर पहुंच
संवाद न्यूज एजेंसी
नगवाईं (मंडी)। क्षेत्र के नाऊ गांव में वीरवार रात्रि माता अंबिका भगवती की वार्षिक जाग हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान जलती मशालों की रोशनी से पूरा गांव जगमगा उठा।
लोगों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आयोजित उत्सव में देव परंपराओं का निर्वहन किया। रात्रि करीब 10 बजे माता के रांघड़ स्थित भंडार से जलती मशालों के साथ जलेब निकाली गई जो मंदिर तक पहुंची। 11 बजे नाऊ वासियों ने हाथों में जलती मशालें लेकर माता के रथ का स्वागत किया।
करीब 12 बजे पनाऊ गांव के लोगों का जुलूस हाथों में मशालें लेकर माता के मंदिर पहुंचा। सैकड़ों मशालों से पूरा नाऊ क्षेत्र रोशन हो गया। रात्रि 12 बजे के बाद माता के मंदिर में अग्नि प्रज्वलित की गई। इसके साथ ही पारंपरिक देव विधि विधान और जाग उत्सव की रस्में शुरू हुईं। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख समृद्धि की कामना की। स्थानीय निवासी मनोज कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे माता का शृंगार किया गया।
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इसके बाद मंदिर में गूर के माध्यम से श्रद्धालुओं की समस्याओं और दुखों के निवारण की प्रक्रिया संपन्न हुई। शुक्रवार शाम करीब चार बजे माता के रथ पनाऊ गांव में प्रवेश हुआ। इस दौरान भी ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माता का स्वागत किया।
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नगवाईं (मंडी)। क्षेत्र के नाऊ गांव में वीरवार रात्रि माता अंबिका भगवती की वार्षिक जाग हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान जलती मशालों की रोशनी से पूरा गांव जगमगा उठा।
लोगों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आयोजित उत्सव में देव परंपराओं का निर्वहन किया। रात्रि करीब 10 बजे माता के रांघड़ स्थित भंडार से जलती मशालों के साथ जलेब निकाली गई जो मंदिर तक पहुंची। 11 बजे नाऊ वासियों ने हाथों में जलती मशालें लेकर माता के रथ का स्वागत किया।
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करीब 12 बजे पनाऊ गांव के लोगों का जुलूस हाथों में मशालें लेकर माता के मंदिर पहुंचा। सैकड़ों मशालों से पूरा नाऊ क्षेत्र रोशन हो गया। रात्रि 12 बजे के बाद माता के मंदिर में अग्नि प्रज्वलित की गई। इसके साथ ही पारंपरिक देव विधि विधान और जाग उत्सव की रस्में शुरू हुईं। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख समृद्धि की कामना की। स्थानीय निवासी मनोज कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे माता का शृंगार किया गया।
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इसके बाद मंदिर में गूर के माध्यम से श्रद्धालुओं की समस्याओं और दुखों के निवारण की प्रक्रिया संपन्न हुई। शुक्रवार शाम करीब चार बजे माता के रथ पनाऊ गांव में प्रवेश हुआ। इस दौरान भी ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ माता का स्वागत किया।