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मंडी अस्पताल के 132 बेडों पर मिलेगी ऑक्सीजन सुविधा
मंडी
Updated Tue, 16 May 2017 10:48 PM IST
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नर्सिंग डे के उपलक्ष्य पर नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि कौल सिंह स्वागत करते आयोजक।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में अब आपातकाल रोगियों को तुरंत बेहतर ऑक्सीजन सुविधा मिलेगी। ऑक्सीजन सिलेंडर को रोगी के पास अरेंज करने की जरूरत नहीं होगी। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मंगलवार को 80 लाख 30 हजार की लागत के केंद्रीय ऑक्सीजन सक्शन प्लांट का विधिवत लोकार्पण किया। इस योजना से मरीजों को बेड पर ही आक्सीजन सुविधा मिलेगी। मंडी अस्पताल में करीब 300 बेडों की व्यवस्था है।
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जबकि, सक्शन सुविधा 132 बिस्तरों पर मिलेगी। इस मौके पर जिला परिषद मंडी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, चंद्रशेखर ठाकुर, जोगेंद्र सिंह गुलेरिया, प्रेम सिंह ठाकुर, केहर सिंह ठाकुर, नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. डीएस धीमान, सीएमओ डा. देशराज शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. जोगिंद्र ठाकुर, प्रकाश चंद वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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यहां मिलेगा मरीजों को लाभ
मंडी अस्पताल के आपरेशन थियेटर के 12, गायनी वार्ड के 12, आईसीयू-सीसीयू में 10 बेडों सहित मेडिसिन, सर्जिकल वार्ड के 132 बेडों को ऑक्सीजन सक्शन प्लांट के साथ जोड़ा गया है। लिहाजा अब मरीज के साथ आए तीमारदारों को ऑक्सीजन के सिलेंडर को बेड पर पहुंचाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ेगा।
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आईजीएमसी टांडा के बाद मंडी अस्पताल में की व्यवस्था
प्रदेश में आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज के बाद मंडी अस्पताल में केंद्रीय आक्सीजन सक्शन प्लांट स्थापित किया गया है। दावा किया जा रहा है कि इन दोनों मेडिकल कालेजों के बाद मंडी में यह व्यवस्था की जा रही है। रोजाना करीब 2000 नए पुराने मरीजों की ओपीडी मंडी अस्पताल में रहती है। आईजीएमसी और टांडा के बाद सबसे अधिक ओपीडी मंडी जोनल अस्पताल में ही मानी जाती है।
नर्सिंग स्कूल के छात्रावास की रखी आधारशिला
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मंडी अस्पताल के नर्सिंग स्कूल के नए छात्रावास की आधारशिला भी रखी। इस छात्रावास भवन पर पांच करोड़ चार लाख 60 हजार रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके बाद उन्होंने टाइप-दो श्रेणी के छह कर्मचारी आवासीय परिसर का उद्घाटन किया। वहीं, 18 लाख 79 हजार की लागत से निर्मित कैंटीन का भी लोकार्पण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने पुराने छात्रावास का भी निरीक्षण किया और वहां दरवाजों पर जालियां लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।