{"_id":"6a8c8893a80bfba9d9030d33","slug":"individual-claim-submitted-for-forest-land-mandi-news-c-90-1-mnd1023-210383-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: वन भूमि के लिए पेश किया व्यक्तिगत दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: वन भूमि के लिए पेश किया व्यक्तिगत दावा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालीचौकी (मंडी)। उपमंडल में वन अधिकार अधिनियम के तहत छह बीघा वन भूमि पर मालिकाना हक के लिए पहला व्यक्तिगत दावा सामने आया है। खुहण मुहाल के धार गांव निवासी हरजी राम पुत्र चंद ने दावा किया है कि उनका परिवार इस जमीन पर 50 साल से अधिक समय से काबिज है और इसी पर मकान बनाकर रह रहा है। परिवार की आजीविका भी इसी जमीन पर निर्भर है।
अनुसूचित जाति परिवार से संबंध रखने वाले हरजी राम ने वन अधिकार अधिनियम की धारा 3(1) के तहत छह बीघा पुश्तैनी वन भूमि पर अधिकार के लिए दावा प्रस्तुत किया है। अधिनियम की धारा 4(5) के तहत दावे के अंतिम निपटारे तक दावेदार को बेदखल नहीं किया जा सकता।
दावे की प्रक्रिया के तहत अब राजस्व और वन विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे। यदि अधिकारी दो बार बुलाए जाने के बावजूद निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचते हैं तो मामला ग्राम सभा (मुहाल सभा) के माध्यम से उपमंडल स्तरीय समिति को भेजा जा सकेगा। इसके बाद दस्तावेजों की जांच के बाद मामला जिला स्तरीय समिति के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
विज्ञापन
खुहण वन अधिकार समिति के प्रधान मुकेश कुमार ने हरजी राम के दावे की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उनके अनुसार बालीचौकी उपमंडल में वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत दावा पेश करने वाला यह पहला मामला है।
विज्ञापन
अनुसूचित जाति परिवार से संबंध रखने वाले हरजी राम ने वन अधिकार अधिनियम की धारा 3(1) के तहत छह बीघा पुश्तैनी वन भूमि पर अधिकार के लिए दावा प्रस्तुत किया है। अधिनियम की धारा 4(5) के तहत दावे के अंतिम निपटारे तक दावेदार को बेदखल नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
दावे की प्रक्रिया के तहत अब राजस्व और वन विभाग के अधिकारी मौके का निरीक्षण करेंगे। यदि अधिकारी दो बार बुलाए जाने के बावजूद निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचते हैं तो मामला ग्राम सभा (मुहाल सभा) के माध्यम से उपमंडल स्तरीय समिति को भेजा जा सकेगा। इसके बाद दस्तावेजों की जांच के बाद मामला जिला स्तरीय समिति के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
विज्ञापन
खुहण वन अधिकार समिति के प्रधान मुकेश कुमार ने हरजी राम के दावे की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। उनके अनुसार बालीचौकी उपमंडल में वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत दावा पेश करने वाला यह पहला मामला है।