शहीद भूपेंद्र के परिजनों को नहीं मिले पांच लाख
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गोहर (मंडी)। प्रदेश सरकार ने मंडी जिले की मौवीसेरी पंचायत के सेगलागलू गांव के शहीद भूपेंद्र कुमार की शहादत पर परिजनों को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन चार माह बीत जाने के बावजूद शहीद के परिजनों को यह राशि नहीं मिल पाई है। शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए शहादत के समय सरकार की ओर से उसके घर पहुंचे सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने शहीद भूपेंद्र की पत्नी नीतू को जल्द नौकरी देने और सरकार की ओर से 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। देश की सरहदों पर दुश्मनों से लोहा लेकर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के साथ इसे मजाक कहें या फिर सरकार की बड़ी भूल। इस मामले में लापरवाही पर शेगलागलू गांव के लोगों में सरकार के खिलाफ खासा आक्रोश है। मानसून सत्र में इस मामले को लेकर सेरी पंचायत के प्रधान और शहीद के गांव के लोग विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी मिले। मगर उन्हें फिर आश्वासन ही मिला है।
शहीद भूपेंद्र कुमार असम राइफल में बतौर राइफलमैन तैनात था। मणिपुर के चंदेल जिला में आतंकियों ने एम बुश कर दुश्मनों से लोहा लेने के लिए जा रही सेना की गाड़ी पर हमला कर दिया। जिसमें मंडी जिला के गोहर उपमंडल की मौवीसेरी पंचायत के सेगलागलू गांव का भूपेंद्र कुमार भी शहीद हो गया था। शहीद भूपेंद्र की शहादत पर विडंबना यह रही कि उनकी अंत्येष्टि में मंडी जिला से प्रदेश सरकार का कोई भी मंत्री, विधायक, चेयरमैन और नेता शरीक नहीं हो सका था। 22 मई 2016 से शहीद भूपेंद्र के परिजनों से सरकार ने उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया है। जिसका परिजनों को अफसोस है। पंचायत प्रधान सेरी मुकेश कुमार ने बताया कि वे शहीद के परिजनों के लिए विस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिले थे। सीएम ने आश्वासन दिया कि जल्द शहीद के परिजनों को सरकार की ओर से घोषित की गई राहत राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।