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जोगिंद्रनगर में ईसीएच में अधूरी सुविधाओं पर बरसे पूर्व सैनिक
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जोगिंद्रनगर में पूर्व सैनिक सदन में लचर स्वास्थ्य सुविधाओं पर अपनी बात रखते पूर्व सैनिक।
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर में करीब 12,000 पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य के लिए संचालित ईसीएच अस्पताल में अधूरी सुविधाओं पर पूर्व सैनिकों का गुस्सा फूटा है। पूर्व सैनिकों ने अस्पताल की लचर व्यवस्था की पोल सेना के उच्चाधिकारी डिप्टी जेसीओ एमएस बैंस के सामने खोल दी।
पूर्व सैनिक लीग लडभड़ोल के चेयरमैन प्रवीण शर्मा ने कहा कि कई किलोमीटर का सफर करने के बाद जब पूर्व सैनिक ईसीएच अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है। नायब सूबेदार हिरदा राम ने कहा कि पूर्व सैनिकों को रेफरल सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
पठानकोट, जालंधर, अमृतसर स्थित सेना के अस्पतालों में पूर्व सैनिकों को रेफर किया जा रहा है, बावजूद रेफरल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में मिल रही दवाइयों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। किडनी की बीमारी से पीड़ित पूर्व सैनिक ने कहा कि करीब 20,000 के चिकित्सा बिल लंबित हैं। मंगलवार को पूर्व सैनिक सदन में पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय सेना के डिप्टी जेसीओ ब्रिगेडियर एमएस बैंस से अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोली।
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इस दौरान ईसीएच अस्पताल के प्रभारी एवं ओआईसी कर्नल राणा ने पूर्व सैनिकों को बताया कि मंडी जिले के मांडव, हरिहर, कांगड़ा जिले के कर्ण अस्पताल, विवेकानंद, दत्तल और बालाजी के अलावा फोर्टिस अस्पताल में पूर्व सैनिकों के उपचार की सुविधा उपलब्ध करवा रखी है। डिप्टी जेसीओ ब्रिगेडियर एमएस बैंस ने कहा कि जिन स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है उनके समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार कर समस्या का समाधान किया जाएगा। संवाद
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पूर्व सैनिक लीग लडभड़ोल के चेयरमैन प्रवीण शर्मा ने कहा कि कई किलोमीटर का सफर करने के बाद जब पूर्व सैनिक ईसीएच अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है। नायब सूबेदार हिरदा राम ने कहा कि पूर्व सैनिकों को रेफरल सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
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पठानकोट, जालंधर, अमृतसर स्थित सेना के अस्पतालों में पूर्व सैनिकों को रेफर किया जा रहा है, बावजूद रेफरल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में मिल रही दवाइयों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। किडनी की बीमारी से पीड़ित पूर्व सैनिक ने कहा कि करीब 20,000 के चिकित्सा बिल लंबित हैं। मंगलवार को पूर्व सैनिक सदन में पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम में पहुंचे भारतीय सेना के डिप्टी जेसीओ ब्रिगेडियर एमएस बैंस से अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोली।
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इस दौरान ईसीएच अस्पताल के प्रभारी एवं ओआईसी कर्नल राणा ने पूर्व सैनिकों को बताया कि मंडी जिले के मांडव, हरिहर, कांगड़ा जिले के कर्ण अस्पताल, विवेकानंद, दत्तल और बालाजी के अलावा फोर्टिस अस्पताल में पूर्व सैनिकों के उपचार की सुविधा उपलब्ध करवा रखी है। डिप्टी जेसीओ ब्रिगेडियर एमएस बैंस ने कहा कि जिन स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है उनके समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार कर समस्या का समाधान किया जाएगा। संवाद