{"_id":"6a50ebc1f4aa4019ce01392a","slug":"mandi-kullu-highway-blocked-for-an-hour-due-to-falling-stones-39-roads-closed-mandi-news-c-90-1-ssml1045-204382-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: पत्थर गिरने से मंडी-कुल्लू हाईवे एक घंटे तक बाधित, 39 सड़कें बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: पत्थर गिरने से मंडी-कुल्लू हाईवे एक घंटे तक बाधित, 39 सड़कें बंद
विज्ञापन
हणोगी टनल में रोके हुए वाहन। संवाद
रुक-रुक कर छोड़े गए वाहन, चालकों को एहतियात बरतने के निर्देश, नौ ट्रांसफार्मर भी ठप
बारिश से मंडी में थमा जनजीवन, एनएच-3 पर पत्थर गिरने से एक घंटे रुका यातायात
चालकों से एहतियात बरतने और भूस्खलन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/पंडोह। लगातार हो रही बारिश ने मंडी जिले में जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) पर शुक्रवार सुबह झलोगी के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और एनएचएआई ने दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोककर सड़क पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से निकाला गया।
झलोगी के पास छोटे-बड़े पत्थरों के लगातार गिरने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इसे देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया। एनएचएआई की मशीनों से सड़क पर आए मलबे को हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से बहाल की गई। यातायात रुकने से हनोगी टनल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि फिलहाल मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को रोककर चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जा रहा है। एनएचएआई की मशीनें मौके पर तैनात हैं और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने चालकों से एहतियात बरतने और भूस्खलन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकने की अपील की है।
विज्ञापन
मलबा आने से बालीचौकी-थाची सड़क बाधित
थाची (मंडी)। बालीचौकी-थाची मुख्य सड़क पर माणी शिल्ह नाला के समीप भारी मलबा आने से यातायात फिर बाधित हो गया है। सड़क बंद होने से क्षेत्र के लोगों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2025 में इसी स्थान पर हुए भीषण भूस्खलन से सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया था। इसके बाद भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बारिश से 39 सड़कें बंद, नौ बिजली ट्रांसफार्मर ठप
लगातार बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। जिला आपदा परिचालन केंद्र (डीईओसी) की शुक्रवार शाम चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 39 सड़कें बंद हैं। इनमें थलौट मंडल की 21, सराज की 11, सुंदरनगर और करसोग की तीन-तीन तथा सरकाघाट की एक सड़क शामिल है।
बंद मार्गों में 36 ग्रामीण सड़कें और तीन प्रमुख जिला सड़कें (एमडीआर) शामिल हैं। हालांकि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है। बारिश के कारण जिले में नौ बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं। इनमें जोगिंद्रनगर का एक, करसोग के तीन और थलौट के पांच ट्रांसफार्मर शामिल हैं। राहत की बात यह है कि जिले की किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।
पंडोह डैम से छोड़ा गया 38 हजार क्यूसिक पानी
लगातार बारिश के चलते ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पंडोह डैम से करीब 38 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन और बीबीएमबी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्यटकों, मछुआरों और नदी तट पर काम कर रहे श्रमिकों से नदी के पास न जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और यात्रा से पहले सड़कों की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।
विज्ञापन
बारिश से मंडी में थमा जनजीवन, एनएच-3 पर पत्थर गिरने से एक घंटे रुका यातायात
चालकों से एहतियात बरतने और भूस्खलन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/पंडोह। लगातार हो रही बारिश ने मंडी जिले में जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-3) पर शुक्रवार सुबह झलोगी के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और एनएचएआई ने दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोककर सड़क पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से निकाला गया।
झलोगी के पास छोटे-बड़े पत्थरों के लगातार गिरने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इसे देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया। एनएचएआई की मशीनों से सड़क पर आए मलबे को हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही नियंत्रित तरीके से बहाल की गई। यातायात रुकने से हनोगी टनल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि फिलहाल मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु रूप से चल रहा है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को रोककर चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जा रहा है। एनएचएआई की मशीनें मौके पर तैनात हैं और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने चालकों से एहतियात बरतने और भूस्खलन की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकने की अपील की है।
विज्ञापन
मलबा आने से बालीचौकी-थाची सड़क बाधित
थाची (मंडी)। बालीचौकी-थाची मुख्य सड़क पर माणी शिल्ह नाला के समीप भारी मलबा आने से यातायात फिर बाधित हो गया है। सड़क बंद होने से क्षेत्र के लोगों और यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2025 में इसी स्थान पर हुए भीषण भूस्खलन से सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया था। इसके बाद भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बारिश से 39 सड़कें बंद, नौ बिजली ट्रांसफार्मर ठप
लगातार बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। जिला आपदा परिचालन केंद्र (डीईओसी) की शुक्रवार शाम चार बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 39 सड़कें बंद हैं। इनमें थलौट मंडल की 21, सराज की 11, सुंदरनगर और करसोग की तीन-तीन तथा सरकाघाट की एक सड़क शामिल है।
बंद मार्गों में 36 ग्रामीण सड़कें और तीन प्रमुख जिला सड़कें (एमडीआर) शामिल हैं। हालांकि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है। बारिश के कारण जिले में नौ बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं। इनमें जोगिंद्रनगर का एक, करसोग के तीन और थलौट के पांच ट्रांसफार्मर शामिल हैं। राहत की बात यह है कि जिले की किसी भी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।
पंडोह डैम से छोड़ा गया 38 हजार क्यूसिक पानी
लगातार बारिश के चलते ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पंडोह डैम से करीब 38 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन और बीबीएमबी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, पर्यटकों, मछुआरों और नदी तट पर काम कर रहे श्रमिकों से नदी के पास न जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और यात्रा से पहले सड़कों की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।