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Mandi News: लापरवाही से बस चलाने पर चालक को तीन माह की जेल
Thu, 15 Jan 2026 10:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 15 Jan 2026 10:49 AM IST
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मंडी। लापरवाही और तेज रफ्तार से बस चलाकर कार को टक्कर मारने के मामले में मंडी की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) कोर्ट नंबर-3 की अदालत ने निजी बस चालक कपिल चंद को दोषी करार देते हुए तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी को कार मालिक को 25,000 रुपये का मुआवजा देने के आदेश भी जारी किए हैं।
यह मामला 31 जुलाई 2019 का है। शिकायतकर्ता दीक्षित पठानिया अपने मित्र के साथ कार में नागचला से मंडी की ओर आ रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे ब्राधीवीर के पास न्यू प्रेम नाम की निजी बस के चालक ने अन्य वाहनों को ओवरटेक करने की कोशिश में बस गलत दिशा में डाल दी और कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। चश्मदीदों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि हादसा बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण ही हुआ। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सार्वजनिक सड़क पर वाहन चलाना एक बड़ी जिम्मेदारी है और चालक को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना अनिवार्य है।
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अदालत ने दोषी कपिल चंद को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि दोषी कार मालिक को 25,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करे। यदि मुआवजा राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को 30 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
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यह मामला 31 जुलाई 2019 का है। शिकायतकर्ता दीक्षित पठानिया अपने मित्र के साथ कार में नागचला से मंडी की ओर आ रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे ब्राधीवीर के पास न्यू प्रेम नाम की निजी बस के चालक ने अन्य वाहनों को ओवरटेक करने की कोशिश में बस गलत दिशा में डाल दी और कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। चश्मदीदों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि हादसा बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण ही हुआ। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सार्वजनिक सड़क पर वाहन चलाना एक बड़ी जिम्मेदारी है और चालक को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना अनिवार्य है।
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अदालत ने दोषी कपिल चंद को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत तीन महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि दोषी कार मालिक को 25,000 रुपये का मुआवजा प्रदान करे। यदि मुआवजा राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को 30 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।