फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई

बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई

Wed, 03 Oct 2018 11:04 PM IST
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई
बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच करवाई जाए
विज्ञापन

परिजनों ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। तुंगल क्षेत्र के रापेडू निवासी हंस राज पुत्र हरि राम ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक मंडी से अपनी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। महिला मंडल एवं पंचायत सदस्यों के माध्यम से उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा कि 21 सितंबर को पुलिस की ओर से लिए गए उनके बयान को एफआईआर में पूरी तरह से नहीं लिखा गया। इसे दोबारा लिखे जाने की जिला प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन 20 सितंबर को वे विद्युत उपमंडल सलापड़ में ड्यूटी पर था। शाम करीब सवा छह बजे छोटी बेटी सुनीता ने सूचना दी कि जब वह कोटली से घर वापस आ रही थी तो पौने पांच बजे के करीब उसकी बात बड़ी बहन ऋतु देवी से हुई। उसने अपनी मां से बात करवाने को कहा। घर पहुंचने पर जब उसने अपनी मां को इस बारे बताया और उनके फोन पर देखा तो ऋतु की 5 कालें दर्शाई गई थी। उसके बाद उसने ऋतु से बात करनी चाही, लेकिन उससे बात ससुराल पक्ष ने मायके वालों की बात नहीं करवाई। और बार-बार फोन काटा जा रहा था। छोटी बेटी ने दोबारा फोन पर मुझे सूचित किया कि आप स्वयं ऋतु से बात करें। जब उन्होंने शाम साढ़े छह बजे के करीब फोन किया तो ऋतु का फोन दामाद की मॉसी ने उठाया। और बताया कि उनकी बेटी ऋतु को सांप ने काट लिया है। और कोटली अस्पताल पहुंचने की बात कह कर फोन काट दिया। आनन-फानन में हंस राज ने मंडी के लिए गाड़ी पकड़ी। शाम करीब सात बजे दामाद राज कुमार ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि सांप के काटने से ऋतु की मौत हो गई है। जब हंस राज के रिश्तेदार कोटली अस्पताल पहुंचे तो ससुराल पक्ष के लोग वहां तैनात डॉक्टर से बहस करने लगे कि ऋतु की मौत सांप के काटने से हुई है। अब इसे घर ले जाना चाहते हैं, जबकि डॉक्टर ने स्पष्ट कर दिया था कि ऋतु की मौत सांप के काटने से नहीं हुई है। उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। ससुराल पक्ष किसी तरह की कानूनी कार्रवाई एवं जांच न करवाने की जिद्द करते हुए चिकित्सक पर बार-बार शव को घर ले जाने का दबाव बना रहे थे। हंस राज ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी बेटी को मारा गया है। इसलिए उनकी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed