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चैक बाउंस के मामलों में आरोपी दोषी करार, एक-एक वर्ष का कारावास
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। चैक बाउंस के मामले की दो शिकायतों में आरोपी को दोषी करार देते हुए एक-एक साल की कारावास और सात लाख रुपये हर्जाना अदा करने की सजा सुनाई है। आरोपी को हर्जाना राशि को समय पर अदा न करने की सूरत में तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर-एक संदीप सिंह सिहाग के न्यायलय ने शिकायतकर्ता की ओर से दायर दो शिकायतों के आधार पर अभियोग साबित होने पर आरोपी को दोषी करार दिया है। दोनों शिकायतों के तहत एक-एक साल की कारावास और प्रत्येक केस में तीन लाख पचास हजार रुपये हर्जाना अदा करना होगा। ऐसा न करने पर आरोपी को दोनों मामलों में तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अदालत में दायर शिकायतों के अनुसार आरोपी ने शिकायतकर्ता से कुछ सामान खरीदा था। इस सामान की अदायगी के लिए आरोपी ने उन्हें ढाई लाख रुपये के दो चेक दिए थे। शिकायतकर्ता ने जब यह चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाए तो आरोपी के खाते में राशि न होने के कारण बाउंस हो गए थे। शिकायतकर्ता ने आरोपी को नोटिस जारी करके राशि की मांग की थी। लेकिन राशि अदा न करने पर उन्होंने अदालत में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत अभियोग चलाए थे। अदालत ने अपने फैसलों में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर चेक बाउंस के अभियोग साबित हुए हैं। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाना अदा करने के फैसला सुनाया है।
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मंडी। चैक बाउंस के मामले की दो शिकायतों में आरोपी को दोषी करार देते हुए एक-एक साल की कारावास और सात लाख रुपये हर्जाना अदा करने की सजा सुनाई है। आरोपी को हर्जाना राशि को समय पर अदा न करने की सूरत में तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर-एक संदीप सिंह सिहाग के न्यायलय ने शिकायतकर्ता की ओर से दायर दो शिकायतों के आधार पर अभियोग साबित होने पर आरोपी को दोषी करार दिया है। दोनों शिकायतों के तहत एक-एक साल की कारावास और प्रत्येक केस में तीन लाख पचास हजार रुपये हर्जाना अदा करना होगा। ऐसा न करने पर आरोपी को दोनों मामलों में तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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अदालत में दायर शिकायतों के अनुसार आरोपी ने शिकायतकर्ता से कुछ सामान खरीदा था। इस सामान की अदायगी के लिए आरोपी ने उन्हें ढाई लाख रुपये के दो चेक दिए थे। शिकायतकर्ता ने जब यह चेक बैंक में भुगतान के लिए लगाए तो आरोपी के खाते में राशि न होने के कारण बाउंस हो गए थे। शिकायतकर्ता ने आरोपी को नोटिस जारी करके राशि की मांग की थी। लेकिन राशि अदा न करने पर उन्होंने अदालत में निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत अभियोग चलाए थे। अदालत ने अपने फैसलों में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी पर चेक बाउंस के अभियोग साबित हुए हैं। जिसके चलते अदालत ने आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाना अदा करने के फैसला सुनाया है।
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