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चरस तस्करों को तीन साल का कारावास
Updated Wed, 04 Nov 2015 04:52 PM IST
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चरस मामले में अभियोग साबित होने पर अदालत ने दो आरोपियों को तीन-तीन साल की कठोर कारावास और 40-40 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। आरोपियों के जुर्माना राशि को उचित समय पर अदा नहीं करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलदेव सिंह की विशेष अदालत (एक) ने पंजाब के होशियारपुर जिला के गढ़शंकर निवासी सुंदर चुंबर उर्फ छिंदा पुत्र सतपाल और राकेश कुमार उर्फ लाडी पुत्र राम लोहाया के खिलाफ मादक एवं नशीले पदार्थ अधिनियम की धारा 20 और 29 के तहत अभियोग साबित होने पर उक्त सजा का फैसला सुनाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 1 अगस्त 2011 को एएसआई राम लाल की अगुवाई में पुलिस का दल कैंची मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाका पर तैनात था। इसी दौरान आरोपी एक आल्टो कार में आए।
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पुलिस दल को देखकर आरोपी सुंदर ने गाड़ी से उतर कर भागने की कोशिश की। जिस पर पुलिस ने आरोपी को काबू करके संदेह के आधार पर उसकी तलाशी ली तो उससे एक पॉलीथिन के पैकेट में 400 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मादक एवं नशीले पदार्थ अधिनियम के तहत हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला न्यायवादी आरके कौशल ने 12 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित किया।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों के खिलाफ चरस सहित पकड़े जाने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। जिसके चलते अदालत ने आरोपियों से बरामदशुदा चरस की मात्रा को देखते हुए उन्हें उक्त कठोर कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।