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Mandi News: हिंदी की परीक्षा में थक गई परीक्षार्थियों की अंगुलियां, कम नहीं हुआ उत्साह

Sat, 07 Mar 2026 12:29 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:29 AM IST
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Candidates' fingers got tired in the Hindi exam, but their enthusiasm remained undiminished.
गद्यांश, निबंध व प्रतिवेदन अलग-अलग विभागों में विभाजित होने से परीक्षार्थियों को हल करने में नहीं हुई परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा के हिंदी विषय की परीक्षा में परीक्षार्थियों का उत्साह फिर देखने को मिला। तीन घंटे तक हर प्रश्नों को हल करने में परीक्षार्थी डटे रहे। शुक्रवार को जोगिंद्रनगर उपमंडल के करीब 40 परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई हिंदी विषय की परीक्षा में लगभग दो हजार परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया।
सुबह 9:45 बजे परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर चुके विद्यार्थियों को 15 मिनट का समय प्रश्न पत्र हल करने के लिए मिला। 28 प्रश्नों को हल करने के लिए 80 अंक मिलने थे। इसमें गद्यांश के लिए पांच अंक, निबंध के लिए दस अंक और बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए 16 अंक शामिल रहे। बुक लिटरेचर भी बेहद सरल रहा।
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परीक्षा केंद्रों में उड़नदस्तों की टीमों की दबिश
शुक्रवार को हिंदी विषय की दसवीं कक्षा की परीक्षा में स्थानीय प्रशासन की ओर से गठित उड़नदस्तों की टीमों ने हराबाग से गुम्मा तक परीक्षा केंद्रों में दबिश देकर परीक्षा की हर गतिविधियों को जांचा। इस दौरान सीसीटीवी कैमरों में परीक्षा की निगरानी की। एसडीएम मनीश चौधरी ने कहा कि परीक्षा में नकल रोकने को लेकर स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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हिंदी विषय की परीक्षा पाठ्यक्रम पर आधारित थी इसलिए इसे हल करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। निबंध के लिए दस अंक आरक्षित होना लाभदायक साबित हुआ। -वैष्णवी शर्मा, परीक्षार्थी
गद्यांश और प्रतिवेदन से जुड़े प्रश्नों को अलग-अलग भागों में विभाजित करने से हमें प्रश्नों का उतर देने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। बहुविकल्पीय प्रश्न अच्छे अंक हासिल करने के लिए लाभदायक साबित हुए। -मुस्कान, परीक्षार्थी
पाठ्यक्रम में शामिल प्रश्नों को परीक्षा में शामिल करने से परीक्षार्थियों को सही जवाब देने में किसी भी प्रकार से परेशान नहीं होना पड़ा। लिटरेचर, निबंध और प्रतिवेदन भी सरल था। हल करने के लिए आसानी मिली। -दिव्यांशु, परीक्षार्थी।

तीन घंटे की परीक्षा को हल करने के लिए समय काफी था लेकिन लिखावट को सुधारने के लिए हाथों की अंगुलियां भी थक गईं। अच्छे अंक हासिल करने का उत्साह था, इसलिए परीक्षा के हर प्रश्नों का जवाब भी बखूबी दिया गया। -सभ्या, परीक्षार्थी।
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