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आईआरडीपी चयन मामले पर जांच शुरू
Mandi
Updated Tue, 08 Jul 2014 05:32 AM IST
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टिहरा (मंडी)। चोलथरा पंचायत में आईआरडीपी चयन मामले की जांच शुरू हो गई है। डीसी मंडी ने मामले की जांच के लिए एसईबीपीओ धर्मपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच अधिकारी रिपोर्ट डीसी मंडी को सौंपेंगे।
आईआरडीपी चयन का यह मामला एसडीएम सरकाघाट के बाद डीसी मंडी के कार्यालय में पहुंचा था। मामले के अनुसार चोलथरा पंचायत की 21 अप्रैल 2013 को ग्रामसभा हुई थी। ग्रामसभा में 30 परिवाराें का आईआरडीपी में चयन किया जाना था। इस बीच ग्रामसभा में पहले के सभी तीस आईआरडीपी परिवारों के नाम सर्वसम्मति से काट दिए गए। इनके स्थान पर तीस नए परिवारों का चयन किया गया। लेकिन सहमति नहीं बन पाई। पंचायत प्रधान विजय लक्ष्मी ने दोबारा जनरल हाउस बुलाने की बात कही थी। आरोप था कि जनरल हास नहीं बुलाया गया और जबकि आईआरडीपी में लोगाें का चयन कर दिया गया। आरटीआई के खुलासे के मुताबिक पंचायत में आईआरडीपी और बीपीएल के पुराने परिवारों के नाम काट कर 43 नए परिवारों को शामिल करने की अनुशंसा की थी। एक वर्ष पूर्व 14 मई को पंचायत उपप्रधान प्रवीण बंधु, ओम प्रकाश, इंद्र सिंह, पवन ठाकुर, विजय, सत्या देवी, रतन सिंह, सतपाल, सुनील कुमार, बाला राम सहित पंचायत के 31 लोगाें ने सामूहिक तौर पर पहले एसडीएम सरकाघाट और बाद में डीसी मंडी को शिकायत की थी। सोमवार को मामले की जांच शुरू हो गई। जांच अधिकारी सभी शिकायतकर्ताओं से बारी-बारी बात करेंगे। जांच अधिकारी एसईबीपीओ धर्मपुर ब्रम्हदास ने बताया कि अभी तक 15 शिकायतकर्ताओं के ब्यान दर्ज किए हैं। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट डीसी मंडी को भेज दी जाएगी।
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आईआरडीपी चयन का यह मामला एसडीएम सरकाघाट के बाद डीसी मंडी के कार्यालय में पहुंचा था। मामले के अनुसार चोलथरा पंचायत की 21 अप्रैल 2013 को ग्रामसभा हुई थी। ग्रामसभा में 30 परिवाराें का आईआरडीपी में चयन किया जाना था। इस बीच ग्रामसभा में पहले के सभी तीस आईआरडीपी परिवारों के नाम सर्वसम्मति से काट दिए गए। इनके स्थान पर तीस नए परिवारों का चयन किया गया। लेकिन सहमति नहीं बन पाई। पंचायत प्रधान विजय लक्ष्मी ने दोबारा जनरल हाउस बुलाने की बात कही थी। आरोप था कि जनरल हास नहीं बुलाया गया और जबकि आईआरडीपी में लोगाें का चयन कर दिया गया। आरटीआई के खुलासे के मुताबिक पंचायत में आईआरडीपी और बीपीएल के पुराने परिवारों के नाम काट कर 43 नए परिवारों को शामिल करने की अनुशंसा की थी। एक वर्ष पूर्व 14 मई को पंचायत उपप्रधान प्रवीण बंधु, ओम प्रकाश, इंद्र सिंह, पवन ठाकुर, विजय, सत्या देवी, रतन सिंह, सतपाल, सुनील कुमार, बाला राम सहित पंचायत के 31 लोगाें ने सामूहिक तौर पर पहले एसडीएम सरकाघाट और बाद में डीसी मंडी को शिकायत की थी। सोमवार को मामले की जांच शुरू हो गई। जांच अधिकारी सभी शिकायतकर्ताओं से बारी-बारी बात करेंगे। जांच अधिकारी एसईबीपीओ धर्मपुर ब्रम्हदास ने बताया कि अभी तक 15 शिकायतकर्ताओं के ब्यान दर्ज किए हैं। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट डीसी मंडी को भेज दी जाएगी।
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