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सोन खड्ड की प्राकृतिक झील दोहपी में मरी सैकड़ों मछलियां
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:53 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सरकाघाट/रिवालसर (मंडी)। सरकाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत रखोटा और भद्रवाड़ की सीमा पर दोहपी गांव के साथ लगती सोन खड्ड पर बनी छोटी सी प्राकृतिक झील में सैकड़ों मछलियों के मरने से खलबली मच गई है। गत सप्ताह से मछलियों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। सोन खड्ड पर क्षेत्र की बहुत सी पेयजल योजनाएं बनी हुई हैं। लोगों में डर है कि दूषित पानी से लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। मामले में एसडीएम सरकाघाट ने विभागीय अधिकारियों को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
बताली मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष मान चंद ने बताया कि उपमंडल सरकाघाट के अंतर्गत आने वाली उपतहसील मुख्यालय के साथ जिस स्थान पर यह मछलियां मर रही हैं, वह एक धार्मिक स्थान है। यहां माता बताली का मंदिर भी है। लोग धार्मिक आस्था के चलते यहां पर मछलियों को आटा व दाना खिलाते रहते हैं। गत एक सप्ताह से इस स्थान पर हर रोज आधा क्विंटल मछलियां मर रही हैं। अब तक दो हजार के करीब मरी मछलियों को मंदिर कमेटी और गांव के लोगों ने मिलकर दबा दिया है। बीडीसी सदस्य चेत राम, मंदिर कमेटी प्रधान व्यास देव, राम लाल, कमलेश, सुनील, मान चंद, संजीव और राकेश ने प्रशासन से मांग की है कि आईपीएच और मत्स्य विभाग इस और ध्यान दे तथा पानी के नमूने लेकर स्थिति स्पष्ट करे। उधर, एसडीएम सरकाघाट डॉ. सुरेश जसवाल का कहना है कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। पुलिस और मत्स्य विभाग के साथ आईपीएच विभाग को भी मौके पर भेजा जा रहा है, ताकि मामले की जांच की जा सके।
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बताली मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष मान चंद ने बताया कि उपमंडल सरकाघाट के अंतर्गत आने वाली उपतहसील मुख्यालय के साथ जिस स्थान पर यह मछलियां मर रही हैं, वह एक धार्मिक स्थान है। यहां माता बताली का मंदिर भी है। लोग धार्मिक आस्था के चलते यहां पर मछलियों को आटा व दाना खिलाते रहते हैं। गत एक सप्ताह से इस स्थान पर हर रोज आधा क्विंटल मछलियां मर रही हैं। अब तक दो हजार के करीब मरी मछलियों को मंदिर कमेटी और गांव के लोगों ने मिलकर दबा दिया है। बीडीसी सदस्य चेत राम, मंदिर कमेटी प्रधान व्यास देव, राम लाल, कमलेश, सुनील, मान चंद, संजीव और राकेश ने प्रशासन से मांग की है कि आईपीएच और मत्स्य विभाग इस और ध्यान दे तथा पानी के नमूने लेकर स्थिति स्पष्ट करे। उधर, एसडीएम सरकाघाट डॉ. सुरेश जसवाल का कहना है कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। पुलिस और मत्स्य विभाग के साथ आईपीएच विभाग को भी मौके पर भेजा जा रहा है, ताकि मामले की जांच की जा सके।
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