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औट में कारोबारियों ने कब्जे हटाए, भूख हड़ताल की दी चेतावनी
Updated Fri, 22 Dec 2017 11:01 PM IST
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नगवाईं (मंडी)। सालों से औट बाजार में दुकानें चला रहे दुकानदारों ने प्रशासन के आदेशों पर दुकानों को खाली कर दिया है। लेकिन, कारोबारियों ने चेताया है कि यदि जल्द ही प्रशासन रोजगार मुहैया नहीं करवाता है तो वह हड़ताल पर बैठने को विवश होंगे।
कारोबारियों का कहना है कि दुकानों के हटने से वे पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं और सरकार व प्रशासन की ओर से उनके पुनर्स्थापन की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। औट बाजार के करीब 32 कारोबारियों को अब रोजगार का संकट सताने लगा है। प्रभावित कारोबारी गुलाब महंत, मुकेश, निशु ने बताया कि उनकी दुकानों को अवैध बताकर हटाया जा रहा है। जबकि यह दुकानें प्रशासन द्वारा बसाई गई है। दुकानों को तो हटाया जा रहा है लेकिन उसके साथ लगते सरकारी कार्यालयों को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई से दर्जनों लोग बेरोजगार हो गए हैं और अब उनका परिवार सड़कों पर आ गया है। प्रशासन को अब साथ लगती भूमि पर दुकानदारों को बसाया जाना चाहिए। अगर जल्द उनके हितों की रक्षा नहीं की गई तो वो मजबूरन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
पुनर्स्थापन करे प्रशासन : चावला
व्यापार मंडल औट के प्रधान विनोद चावला ने बताया कि औट के इन 32 दुकानदारों की रोजीरोटी का साधन मात्र ये दुकानें ही हैं। यह दुकानदार पिछले कई वर्षों से जिला प्रशासन को इन दुकानों का किराया देते आए हैं। अब जिला प्रशासन को भी औट के प्रभावित विस्थापित दुकानदारों के लिए पुनर्स्थापन की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि, इन सबकी रोजी रोटी की व्यवस्था हो सके। यदि यह व्यवस्था न हुई तो उन्हें मजबूर होकर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा।
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कारोबारियों का कहना है कि दुकानों के हटने से वे पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं और सरकार व प्रशासन की ओर से उनके पुनर्स्थापन की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। औट बाजार के करीब 32 कारोबारियों को अब रोजगार का संकट सताने लगा है। प्रभावित कारोबारी गुलाब महंत, मुकेश, निशु ने बताया कि उनकी दुकानों को अवैध बताकर हटाया जा रहा है। जबकि यह दुकानें प्रशासन द्वारा बसाई गई है। दुकानों को तो हटाया जा रहा है लेकिन उसके साथ लगते सरकारी कार्यालयों को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई से दर्जनों लोग बेरोजगार हो गए हैं और अब उनका परिवार सड़कों पर आ गया है। प्रशासन को अब साथ लगती भूमि पर दुकानदारों को बसाया जाना चाहिए। अगर जल्द उनके हितों की रक्षा नहीं की गई तो वो मजबूरन भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
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पुनर्स्थापन करे प्रशासन : चावला
व्यापार मंडल औट के प्रधान विनोद चावला ने बताया कि औट के इन 32 दुकानदारों की रोजीरोटी का साधन मात्र ये दुकानें ही हैं। यह दुकानदार पिछले कई वर्षों से जिला प्रशासन को इन दुकानों का किराया देते आए हैं। अब जिला प्रशासन को भी औट के प्रभावित विस्थापित दुकानदारों के लिए पुनर्स्थापन की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि, इन सबकी रोजी रोटी की व्यवस्था हो सके। यदि यह व्यवस्था न हुई तो उन्हें मजबूर होकर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ेगा।
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