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राजदेवता माधोराय संग खूब उड़ेगा गुलाल

Wed, 28 Feb 2018 10:35 PM IST
Updated Wed, 28 Feb 2018 10:35 PM IST
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राजदेवता माधोराय संग खूब उड़ेगा गुलाल
- फोटो : अमर उजाला
मंडी। रंगों के पर्व होली के लिए छोटी काशी मंडी तैयार है। तिथियों के हिसाब से पर्व मनाए जाने की परंपरा को बरकरार रखते हुए मंडी में एक दिन पहले बुधवार को होली के रंग उड़ाए जाएंगे। राजदेवता माधोराय की पालकी के संग गुलाल उड़ेगा। रियासत काल से राजदेवता माधोराय पालकी में सवार होकर होली खेलने निकलते हैं। वहीं छोटी काशी में अन्य जगहों के विपरीत होली पर्व को एक दिन पहले मनाया जाता है। जबकि, सरकाघाट, डैहर समेत जिले के कई क्षेत्रों में होली दो मार्च को ही मनाई जाएगी।
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वहीं बुराई पर अच्छाई के जीत के प्रतीक होली पर्व के लिए छोटी काशी मंडी के बाजार सज गए हैं। बच्चों और युवाओं को लुभाने वाली पिचकारियों के साथ ही सुंदर और भड़कीले मुखौटे और टोपियों की बाजार में खूब डिमांड है। दुकानदारों ने भी बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए अलग अलग डिजाइन की पिचकारियां दुकानों में सजी है। होली को लेकर बाजार में जमकर खरीदारी हो रही है। वहीं होली के रंगों की क्वालिटी का इस दफा भी ध्यान रखना जरूरी है। अन्यथा आपको चेहरे का नूर भी बिगड़ सकता था। शैक्षणिक संस्थानों में बुधवार को होली खेली जाएगी। वल्लभ कॉलेज मंडी में विद्यार्थियों ने जमकर गुलाल उड़ाया।
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तिथियों के हिसाब से मनाई जाती है होली : राज पुरोहित
राजपुरोहित पवन शर्मा ने कहा कि मंडी में तिथियों के हिसाब से पर्व मनाए जाते हैं। यही कारण है कि होली को एक दिन पहले मनाया जा रहा है। होली के पर्व के दिन परंपरा के अनुसार राजदेवता माधोराय शहर में लोगों संग होली खेलते हैं।
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घटिया केमिकल युक्त रंग उड़ा सकते हैं चेहरे की रंगत
यदि आप भी होली के रंग उड़ाने के शौकीन हैं तो आपको रंग खरीदते वक्त सतर्कता बरतनी पड़ेगी। रंग खरीदने के दौरान रंगों की क्वालिटी का ध्यान रखना जरूरी है। बाजार में सस्ते दामों पर बिकने वाले रंगों में केमिकल का इस्तेमाल भी हो रहा है। बाजार में बिकने वाली नकली रंग आपके चेहरे को बदरंग कर सकते हैं। हर साल होली में रंगों के दुष्प्रभाव के कारण कई लोग त्वचा रोग से ग्रसित हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि लोग नेचुरल कलर को छोड़कर केमिकल युक्त रंगों का उपयोग करते हैं। त्वचा के अलावा आंख, कान और नाक पर भी इसका असर पड़ सकता है।

होली खेलने से पूर्व शरीर पर लगाएं तेल
सीएमओ डॉ. आरपी ठाकुर ने बताया कि होली पर्व को लेकर बाजार में कई तरह के रंग-गुलाल की बिक्री होती है। इससे त्वचा पर कई प्रकार की बीमारी होने की संभावना रहती है। होली खेलने से पहले पूरे शरीर में तेल लगा लेना चाहिए। इससे शरीर पर रंग का असर कम पड़ता है। साथ ही रंगों से नाक, कान और आंख को बचाना चाहिए। होली खेलने से परहेज नहीं, लेकिन केमिकल युक्त रंगों से परहेज करना चाहिए।

होली में ये बरतें सावधानी
-पिचकारी मुंह पर न मारे। आंख में तेजी से पानी लगने से कोर्निया पर जख्म हो सकता है। हर्बल रंग से आंखों में एलर्जी की संभावना कम रहती है। इसलिए केमिकल रंगों से बचे और हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। गंदे पानी का प्रयोग न करें क्योंकि इससे आंख में इंफेक्शन हो सकता है। जिन बच्चों को चश्मा चढ़ा हुआ है वे चश्मा उतारकर होली खेलें। होली के हुड़दंग में चश्मा टूट सकता है और उसका कांच आंख में भी घुस सकता है।


सरकाघाट में दो को मटकी फोड़ प्रतियोगिता
सरकाघाट (मंडी)। सरकाघाट बाजार दो मार्च को होली पर्व के उपलक्ष्य पर बंद रहेगा। व्यापार मंडल के प्रधान ओम प्रकाश ठाकुर ने कहा कि व्यापार मंडल के तत्वावधान में बाजार के ओल्ड बस स्टैंड में दो मार्च को होली पर्व पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
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