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भाषा निदेशालय ने 18 मंदिर कमेटियों के आवेदन अस्वीकारे

Sun, 17 Jan 2016 05:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मंडी।
ब्यूरो, अमर उजाला/मंडी। Updated Sun, 17 Jan 2016 05:32 PM IST
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प्रदेश सरकार मुजारा अधिनियम 1953 के तहत सरकार में निहित हुई भूमि के बदले मंदिर कमेटियों को पूजा अर्चना व रखरखाव के लिए सहयोग राशि दे रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने गत दो वर्षों में लगभग 10 करोड़ के फंड का प्रावधान भी किया है। जिला में 20 मंदिर कमेटियों ने राशि के लिए आवेदन किया था। जिसमें से 18 मंदिर कमेटियों के आवेदन भाषा एवं संस्कृति विभाग निदेशालय ने अस्वीकृत कर दिए हैं।

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चार मंदिर कमेटियों ने कागजी कमियों को पूरा कर एक बार फिर आवेदन कर दिए हैं। लेकिन, जिला भर की 14 मंदिर कमेटियां अभी तक कागजों के फेर में उलझी हुई है। जिला में अभी तक एक भी मंदिर कमेटी को सहयोग राशि इस अधिनियम के तहत इस वर्ष नहीं मिल पाई है। मुजारा अधिनियम 1953 तहत मंदिरों को सालाना 10 से 25 हजार की राशि दिए जाने की योजना है। अस्वीकृत हुए इन आवेदनों की लिस्ट भाषा एवं संस्कृति विभाग निदेशालय ने भाषा एवं संस्कृति कार्यालय मंडी को जारी कर दी है।
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 जिला विभाग ने आगामी कार्रवाई करते हुए मंदिर कमेटियों को आवेदनों की कमियों के विवरण सहित पत्र जारी कर दिए हैं। विभाग ने मंदिर कमेटियों को कागजी कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, साल के अंत तक भी अधिकतर कमेटियां कागजी कमियों को पूरा नहीं कर पाई है।.
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निदेशालय ने कुछ मंदिर कमेटियों के आवेदन त्रुटियों व कमियों के कारण अस्वीकृत कर दिए हैं। इन मंदिर कमेटियों को आवेदन में कमी के विवरण सहित विभाग ने पत्र जारी कर दिए हैं।
-राजकुमार सकलानी, जिला भाषा अधिकारी मंडी।

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