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कागजों में सिमटा सीर खड्ड का तटीयकरण

Sun, 23 Jul 2017 10:47 PM IST
Updated Sun, 23 Jul 2017 10:47 PM IST
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कागजों में सिमटा सीर खड्ड का तटीयकरण
अमर उजाला ब्यूरो
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सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल में सीर खड्ड का तटीयकरण कागजों में ही सिमट गया है। यहां हजारों बीघा जमीन पर सीर खड्ड से कटाव लगातार जारी है। खड्ड के तटीयकरण से विभाग के दो पंप हाउस, उनमें लगी मशीनरी का संरक्षण, पथ परिवहन निगम की कार्यशाला, 16 आवासीय घर सुरक्षित होंगे। इसके बाएं किनारे की 192 बीघा और सरकाघाट विधान सभा क्षेत्र की ओर से दो हजार बीघा जमीन का कटाव रुकेगा। सारा मामला अभी तक कागजों में ही उलझा है। गत पांच वर्षों में एक पत्थर नहीं लग सका है। 23 सितंबर 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सीर खड्ड की तटीयकरण योजना का शिलान्यास किया था। इस यह शिलान्यास विस चुनावों से ठीक दो माह पहले किया गया था। इस दौरान सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री रविंद्र रवि ने एक वर्ष के भीतर इस योजना को पूरा करने का दावा किया था लेकिन, सरकार बदलते ही अब पांच वर्ष बीतने को हैं। निर्माण पर एक पत्थर तक नहीं लगा है। अब सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग मंडल सरकाघाट द्वारा तैयार किए प्रारूप में योजना पर 64 करोड़ राशि खर्च होगी। इससे 21 हजार बीघा भूमि कटाव रोका जाएगा।

कहां-कहां सीर खड्ड ने मचाई तबाही
उपमंडल की बरच्छवाड़ पंचायत के मुख्यालय के साथ बहती सीर खड्ड मसेरन पंचायत के पास से निकलती है। बरछवाड़ तक आने में इसमें अनेक स्थानीय छोटे-छोटे नाले मिलने से यह खड्ड का रूप धारण कर लेती है। इस खड्ड के किनारे पर बरच्छवाड़ में पथ परिवहन निगम की वर्कशॉप के साथ नबाही पंचायत का तताहर, डली, हरिबेहना पंचायत के गांव स्थम्ला, हरी, बेहना, नालटा, सरसेहड़ा, लंगेहड़, पौंटा पंचायत के गांव तालाब, रेडू, पौंटा, कनेर, सुलपुर के एक दर्जन गांव आते हैं। इन गांवों की जमीन में धान और गेहूं की फसल होती है। मौसम के बदलते मिजाज और अंधाधुंध खनन से लगभग 15 किलोमीटर तक बहने वाली इस खड्ड के किनार सटी हजारों बीघा जमीन हर वर्ष बरसात में में बह जाती है। गत दस वर्षों में इन गावों की हजारों एकड़ जमीन बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है।
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चुनावों में नेताओं की जुबान पर होता तटीयकरण का मुद्दा
बरच्छवाड पंचायत प्रधान ज्ञान चंद, हरी बैहना पंचायत प्रधान दूनी चंद, उपप्रधान जगदीश चंद, विनोद ठाकुर, पूर्व प्रधान रेखा धीमान, कृष्ण चंद, जगदीश गौतम, जोधा राम, जय नंद शर्मा, पूर्व उपप्रधान कृष्ण चंद, लेखराज शर्मा, योग राज, सुलपुर बही पंचायत प्रधान रिंकू चंदेल ने सरकार से इस योजना का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के राजनेताओं से चुनावों के समय एक ही मांग इस खड्ड के तटीयकरण की होती है। हर बार यह मुद्दा चुनावों के दौरान नेताओं की जुबां पर होता है। इस दिशा में अभी तक कोई कार्य नहीं किया गया है।
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विभाग के अधिशासी अभियंता ने कहा कि योजना का प्रारूप बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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