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भूतपूर्व सैनिक लीग ने सातवें पे कमिशन का किया विरोध
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:16 PM IST
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जोगिंद्रनगर (मंडी )। पूर्व सैनिक लीग की जोगिंद्रनगर इकाई ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित सातवें पे कमीशन का विरोध करते हुए इसे सैनिकों का अपमान करने वाला बताया है। लीग की जोगिंद्रनगर इकाई के अध्यक्ष कर्नल जीएस साही ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पूर्व सैनिक लीग सातवें पे कमीशन की सिफारिशों का कड़ा विरोध जताती है तथा विरोध स्वरूप 21 अगस्त को पूर्व सैनिक लीग का जनरल हाउस बुला कर इसमें संशोधन करने की सामूहिक मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि घोषित सातवें पे कमीशन से सैनिकों के मनोबल में गिरावट आई है। क्योंकि इसमें सैन्य बलों को अर्धसैनिकों से नीचे रखा गया है। जिस प्रकार आज चीन देश को आंखें दिखा रहा है, उस स्थिति में गिरते मनोबल के साथ सैनिक कैसे देश सेवा कर पाएगा। आज एक तरफ चीन, दूसरी तरफ पाकिस्तान और देश की आंतरिक परिस्थितियों से सैनिक मुस्तैदी के साथ निपट रहा है। ऐसे में सरकार को चाहिए था कि उसके मनोबल को बढ़ाया जाए। लेकिन, सातवें वेतन आयोग को जबरदस्ती थोप कर केंद्र सरकार ने सैनिकों के साथ अन्याय किया है। जबकि दो बार इसे नकारे जाने के बावजूद सातवें वेतन आयोग को जबरदस्ती थोपा गया।
आशावान थे सैनिक
केंद्र में एनडीए सरकार के गठन के बाद से सैनिक आशावान थे कि चौथे, पांचवें और छठे वेतन आयोग में पाई जाने वाली विसंगतियों को दूर कर सातवें वेतन आयोग की घोषणा की जाएगी। लेकिन, पुरानी त्रुटियों को तो दूर क्या करना था, उलटे अनेक नई विसंगतियों के साथ इसे घोषित कर दिया गया। उन्होंने दोषपूर्ण वन रैंक वन पेंशन को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की तथा नेशनल वार मेमोरियल और सैनिक वेटरन कमीशन का गठन न किए जाने को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। इस अवसर पर पूर्व सैनिक लीग के सलाहकार कैप्टन डा. लेख राज शर्मा, उपाध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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आशावान थे सैनिक
केंद्र में एनडीए सरकार के गठन के बाद से सैनिक आशावान थे कि चौथे, पांचवें और छठे वेतन आयोग में पाई जाने वाली विसंगतियों को दूर कर सातवें वेतन आयोग की घोषणा की जाएगी। लेकिन, पुरानी त्रुटियों को तो दूर क्या करना था, उलटे अनेक नई विसंगतियों के साथ इसे घोषित कर दिया गया। उन्होंने दोषपूर्ण वन रैंक वन पेंशन को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की तथा नेशनल वार मेमोरियल और सैनिक वेटरन कमीशन का गठन न किए जाने को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। इस अवसर पर पूर्व सैनिक लीग के सलाहकार कैप्टन डा. लेख राज शर्मा, उपाध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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