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Kullu News: डिजिटल माध्यम से गणित विषय पढ़ सकेंगे दृष्टिबाधित
Sun, 18 Jan 2026 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 18 Jan 2026 10:40 PM IST
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मौहल में शिक्षकों को बताई डिजिटल शिक्षा की तकनीक
वर्ड फॉर्मेट में गणित के प्रश्न पत्र बनाने का सीखा तरीका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कुल्लू के मौहल में डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम के तहत डिजिटल शिक्षा की तकनीक सिखाई जा रही है। नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड और इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन वेनेटिक के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसके दूसरे दिन शिक्षकों को कंप्यूटर के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को गणित विषय पढ़ाने की तकनीक बताई गई।
नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड संस्था की सचिव शालिनी वत्स किमटा ने कहा कि डिजिटल साक्षरता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। डिजिटल लिटरेसी के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और उन्हें हर एक जानकारी तक समान पहुंच देना इस कार्यशाला का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मदद से गणित विषय पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया। दृष्टिबाधितों के लिए बड़ी कक्षाओं में गणित पढ़ना चुनौती बन जाता है लेकिन अब इस समस्या का समाधान डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषकर शिक्षकों को गणित के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर और फोन दोनों पर वर्ड फॉर्मेट में गणित के प्रश्न पत्र बनाने का तरीका भी बताया।
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वर्ड फॉर्मेट में गणित के प्रश्न पत्र बनाने का सीखा तरीका
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कुल्लू के मौहल में डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम के तहत डिजिटल शिक्षा की तकनीक सिखाई जा रही है। नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड और इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन वेनेटिक के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसके दूसरे दिन शिक्षकों को कंप्यूटर के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को गणित विषय पढ़ाने की तकनीक बताई गई।
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नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड संस्था की सचिव शालिनी वत्स किमटा ने कहा कि डिजिटल साक्षरता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। डिजिटल लिटरेसी के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और उन्हें हर एक जानकारी तक समान पहुंच देना इस कार्यशाला का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मदद से गणित विषय पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया। दृष्टिबाधितों के लिए बड़ी कक्षाओं में गणित पढ़ना चुनौती बन जाता है लेकिन अब इस समस्या का समाधान डिजिटल लिटरेसी प्रोग्राम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विशेषकर शिक्षकों को गणित के दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर और फोन दोनों पर वर्ड फॉर्मेट में गणित के प्रश्न पत्र बनाने का तरीका भी बताया।
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