सेब सीजन में प्रति पेटी में दो रुपये बढ़ा किराया
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जिला कुल्लू के सेब सीजन में बागवानों को अपने सेब को दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में पहुंचाना महंगा हो गया है। ट्रक यूनियन कुल्लू ने इस बार ने सेब पेटी के मालभाड़ा में इजाफा किया है। ट्रक यूनियन को इस बार प्रति पेटी पर दो रुपये किराया बढ़ाया है। जिसका सीधा असर बागवानों पर पड़ा है। जिला में इन दिनों सेब सीजन यौवन पर है। खराहल घाटी, मणिकर्ण घाटी, सैंज, बंजार और उझी घाटी में सेब का तुड़ान जोरों पर हैं। ऐसे में कुल्लू से औसत 100 से 110 ट्रक लोड होकर दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी समेत अन्य मंडियों के लिए रवाना हो रहे हैं।
ट्रक यूनियन द्वारा किराया बढने के बाद बागवानों को प्रति पेटी के हिसाब मालभाड़े के दो रुपये अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। ऐसे में घाटी के छोटे बागवान मायूस है। बागवान रमेश कुमार, प्यारे लाल, रामनाथ ठाकुर, जवाहर लाल, दलीप सिंह, शशि, राजेश और विरेंद्र शर्मा ने कहा कि सेब की फसल इस बार कम हैं। ट्रक यूनियन द्वारा सेब सीजन में ट्रक यूनियन ने मालभाड़े में प्रति पेटी दो रुपये का इजाफा किया है। जिसका सीधा असर छोटे बागवानों की जेब पर पड़ा है। इधर ट्रक यूनियन कुल्लू के प्रधान होमिंद्र महंत ने कहा कि सीजन में प्रति पेटी दो रुपये किराया बढ़ाया है। किराया बढ़ाने का निर्णय बैठक के बाद लिया है।
कुल्लू से प्रतिदिन औसत 100 ट्रक दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी के लिए जा रहे हैं। कुल्लू के रामशिला से दिल्ली के लिए पहले प्रति पेटी 65 रुपये देने पड़ते थे, लेकिन अब किराया बढ़ने के बाद 67 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। प्रति पेटी में बढ़ा किराया का असर सेब दामों में भी पड़ सकता है। हालांकि बागवानों का मंडियों में सेब का अच्छे दाम मिल रहे हैं। एक ट्रक में करीब साढ़े चार सौ पेटी आती है, ऐसे में पेटी के दाम दो रुपये से 900 रुपये किराया बढ़ोतरी होगी। सेब की पेकिंग पर औसतन 70 रुपये प्रति पेटी खर्चा आता है। जिसमें खाली पेटी के लिए करीब 40 से 45 रुपये, 15 रुपये पैकिंग, रद्दी पांच रुपये, घास व सजावट के लिए पांच रुपये खर्च होते हैं। अब किराये में भी अतिरिक्त रुपये खर्चना होगा। इस तरह बागवानों का काफी खर्च हो जाता है। सेब पेटी के मालभाड़े में इजाफा होने से बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।