{"_id":"6a299f0057484cd108070872","slug":"seekers-overwhelmed-with-emotion-by-the-divine-shaktipat-kullu-news-c-89-1-ssml1013-178467-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: दिव्य शक्तिपात से भाव-विभोर हुए साधक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: दिव्य शक्तिपात से भाव-विभोर हुए साधक
Thu, 11 Jun 2026 10:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 11 Jun 2026 10:56 AM IST
विज्ञापन
कुल्लू के घुड़दौड़ में ध्यान साधना शिविर के समापन अवसर पर दिव्य शक्तिपात से भाव-विभोर हुए साधक।
नगर (कुल्लू)। मनाली में एक माह से चल रहे चंद्रयान तप ध्यान साधना शिविर का मंगलवार को विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर आयोजित दिव्य शक्तिपात एवं सात नदियों के पवित्र जल से अभिषेक कार्यक्रम में साधकों ने भाग लिया। इस दौरान आध्यात्मिक वातावरण में साधक भाव-विभोर नजर आए।
शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए संत सुधांशु महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सद्गुरु को भगवान से भी उच्च स्थान दिया गया है। जीवन में सच्चे गुरु की कृपा मिलने पर व्यक्ति बड़े से बड़े संकटों का सामना करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है।
उन्होंने कहा कि गुरु की शरण में आने से जीवन की अनेक परेशानियां दूर हो जाती हैं और गुरु का संरक्षण बड़े हादसों को छोटे झटकों में बदल देता है। साधक को गुरु को अपना मार्गदर्शक मानते हुए उनके प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखना चाहिए। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए संत सुधांशु महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सद्गुरु को भगवान से भी उच्च स्थान दिया गया है। जीवन में सच्चे गुरु की कृपा मिलने पर व्यक्ति बड़े से बड़े संकटों का सामना करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गुरु की शरण में आने से जीवन की अनेक परेशानियां दूर हो जाती हैं और गुरु का संरक्षण बड़े हादसों को छोटे झटकों में बदल देता है। साधक को गुरु को अपना मार्गदर्शक मानते हुए उनके प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखना चाहिए। गुरु के बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकता है।
विज्ञापन